BPSC TRE-4: आंदोलन स्थगित, संघर्ष नहीं, दिलीप कुमार ने किया फिर आंदोलन का ऐलान
बिहार में 10 दिनों तक चला छात्र न्याय सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया है. सरकार की ओर से कुछ मांगों को स्वीकार करने के बाद यह फैसला लिया गया है, लेकिन आंदोलनकारी चेता रहे हैं कि वादे पूरे न हुए तो संघर्ष फिर शुरू होगा.
Patna Student Protest : बिहार में छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर 18 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर चल रहा छात्र न्याय सत्याग्रह फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार के आग्रह पर इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है. सरकार ने कई मांगों को मान लिया है, जबकि कुछ मांगों पर फैसला लेने के लिए समय मांगा है. आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि अगर सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है, तो एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जायेगा.
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10 दिनों तक गर्दनीबाग में चला छात्र न्याय सत्याग्रह
छात्रों के अनुसार 18 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर लगातार 10 दिनों तक दिन-रात छात्र और अभ्यर्थी बैठे रहे. इस दौरान सरकार के स्तर पर कई दौर की वार्ता हुई. बातचीत के बाद कुछ मांगों को तत्काल स्वीकार किया गया, जबकि अन्य मांगों पर विचार करने के लिए सरकार ने समय मांगा. इसके बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया.
TRE-4 में वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट लागू
TRE-4 से जुड़े अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट, एकल परीक्षा, सीटों की संख्या बढ़ाने और विज्ञापन जारी करने की मांग शामिल थी. आंदोलनकारियों के अनुसार सरकार ने वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट और एकल परीक्षा की मांग स्वीकार कर ली है. सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.
हालांकि नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग पर अभी विचार चल रहा है. छात्रों ने कहा है कि अगर नेगेटिव मार्किंग खत्म नहीं की गयी, तो इस मुद्दे को लेकर दोबारा आंदोलन किया जायेगा.
डोमिसाइल नीति के पालन का दावा
अभ्यर्थियों ने कहा कि बिहार में लागू डोमिसाइल नीति का पालन किया जायेगा. पिछले वर्ष कैबिनेट से पारित डोमिसाइल नीति के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया संचालित करने की मांग आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठायी गयी थी.
CTET में बाहरी अभ्यर्थियों को 5% छूट पर फैसला
CTET से जुड़ी मांग को भी आंदोलनकारियों की बड़ी उपलब्धि बताया गया. उनका कहना है कि बिहार के अभ्यर्थियों को मिलने वाली 5% छूट का लाभ बाहरी अभ्यर्थियों को भी मिलने का मुद्दा उठाया गया था. शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किये जाने का दावा किया गया है.
BSSC में संविदा वेटेज हटाने की मांग पर फैसला बाकी
BSSC को लेकर अभ्यर्थियों ने संविदा वेटेज हटाने, परीक्षा की तारीख घोषित करने और परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग रखी है. आंदोलनकारियों के अनुसार इन मांगों पर अभी सरकार विचार कर रही है.
छात्र नेताओं का कहना है कि संविदा वेटेज के कारण नये और बेरोजगार अभ्यर्थियों को अवसर मिलने में परेशानी हो रही है. अगर सरकार इस पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो BSSC को लेकर अलग से आंदोलन किया जा सकता है.
18 साल बाद लाइब्रेरियन बहाली की उम्मीद
बिहार में करीब 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने का मुद्दा भी आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया. आंदोलनकारियों के अनुसार राज्य में लाइब्रेरियन के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करने से संबंधित नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. इसे भी छात्र आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है.
1799 दरोगा बहाली की जांच शुरू
1799 पदों वाली दरोगा बहाली को लेकर भी जांच की मांग आंदोलन के दौरान उठायी गयी थी. आंदोलनकारियों के अनुसार इस मामले में जांच शुरू हो गयी है और आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है.
17वीं BPSC और AEDO परीक्षा पर भी उठी मांग
17वीं BPSC से जुड़े मामले में जांच की मांग की गयी है. इसके अलावा AEDO परीक्षा को लेकर पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित करने की मांग भी रखी गयी है. इन मुद्दों पर सरकार की ओर से विचार किये जाने की बात कही गयी है.
परीक्षा में पारदर्शिता की मांग
दरोगा, सिपाही और BSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी आंदोलनकारियों ने उठायी. उनकी मांग है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को OMR शीट की कार्बन कॉपी और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाये. इसके अलावा परीक्षा के बाद आंसर की जारी हो और रिजल्ट के साथ कटऑफ तथा अभ्यर्थियों के अंक भी सार्वजनिक किये जायें.
परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनी
छात्र नेताओं ने कहा कि सभी भर्ती आयोगों और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. उनके अनुसार आंदोलन के दौरान परीक्षा सुधार को लेकर विशेषज्ञ कमेटी गठित की गयी है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जतायी जा रही है.
आंदोलन स्थगित, संघर्ष जारी रखने का ऐलान
आंदोलन से जुड़े नेताओं ने साफ किया कि गर्दनीबाग का धरना स्थगित हुआ है, संघर्ष नहीं. उनका कहना है कि सरकार ने करीब 70 से 80 प्रतिशत मांगों पर सकारात्मक कदम उठाये हैं, जबकि बाकी मांगों पर अभी विचार चल रहा है.
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है या लंबित मांगों पर समय पर फैसला नहीं लिया जाता है, तो छात्र और अभ्यर्थी फिर से आंदोलन करेंगे. उन्होंने छात्रों और युवाओं से आगे भी एकजुट रहने और अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की.
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