पटना: खगौल में प्रेमचंद जयंती पर दो दिवसीय संगोष्ठी, कथा साहित्य में स्त्री चेतना पर हुई चर्चा

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संगोष्ठी में भाग लेते लोग

संगोष्ठी में भाग लेते लोग

जगत नारायण लाल महाविद्यालय में प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में 'प्रेमचंद के कथा साहित्य में स्त्री चेतना' विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी में प्रेमचंद के साहित्य में नारी के चित्रण और समाज में उनके स्थान पर गहन विचार-विमर्श हुआ.

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seminar on Premchand Jayanti: जगत नारायण लाल महाविद्यालय में हिन्दी विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में प्रेमचंद जयंती के अवसर पर "प्रेमचंद के कथा साहित्य में स्त्री चेतना" विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मधुप्रभा सिंह ने की. संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ.

प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री अस्मिता पर विमर्श

प्राचार्य प्रो. मधुप्रभा सिंह ने कहा कि विमर्श चेतना को जागृत करता है. प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री के मूल्य, अस्मिता और अधिकारों की समानता पर गंभीर चिंतन देखने को मिलता है. उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार किया और स्त्री पात्रों के जरिए नारी जागरण का संदेश दिया.

साहित्य जीवन का मार्गदर्शक

मुख्य अतिथि एवं छपरा विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्रो. अनीता ने कहा कि साहित्य वह मशाल है जो जीवन के मार्ग को प्रकाशित करता है. प्रेमचंद ने मनसा, वाचा और कर्मणा के सिद्धांतों पर चलकर साहित्य सृजन किया. यही कारण है कि उनके साहित्य में जीवन की सच्चाई और सामाजिक परिवर्तन की चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है.

समानता की आवश्यकता पर बल

इतिहास विभाग के प्रो. अविनाश कुमार झा ने कहा कि भारतीय समाज में नारी को देवी और दासी दोनों रूपों में देखा गया है, लेकिन वर्तमान समय में समानता की आवश्यकता सबसे अधिक है. उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को बराबरी का स्थान मिलना चाहिए.

आर्थिक स्वायत्तता से बढ़ेगी नारी की शक्ति

आईक्यूएसी निदेशक प्रो. निखिल कुमार सिंह ने कहा कि नारी की आर्थिक स्वायत्तता ही उसकी वास्तविक महत्ता को उजागर करेगी. उन्होंने समाज में संघर्ष की बजाय समन्वय और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

छात्रों ने किया पत्रवाचन

संगोष्ठी के दौरान अभिषेक कुमार, मनीष कुमार, ओम शर्मा और प्रिंस कुमार समेत कई छात्रों ने विषय से संबंधित पत्रवाचन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. पल्लवी ने किया, जबकि स्वागत भाषण डॉ. सुषमा कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पंकज ने किया. कार्यक्रम में डॉ. गिरिजेश नंदन कुमार, डॉ. जनार्दन प्रसाद, डॉ. सैयद सरवर इमाम सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


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Sanjay Kumar Pandey Khagaul

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By Sanjay Kumar Pandey Khagaul

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