बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन गोपगुट ने मनाया नियोजन मुक्ति दिवस

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राज्यकर्मी का दर्जा हासिल करने वाले ये शिक्षक वर्षों से स्थानीय निकाय के अंतर्गत नियोजन इकाइयों के माध्यम से बहाल होकर सरकारी विद्यालयों में बतौर शिक्षक अपनी सेवा दे रहे थे

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संवाददाता, पटना

बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सक्षमता परीक्षा पास कर चुके नियोजित शिक्षकों को एक जनवरी 2025 से सरकार विशिष्ट शिक्षक बनाते हुए राज्य कर्मी का दर्जा देने जा रही है. राज्यकर्मी का दर्जा हासिल करने वाले ये शिक्षक वर्षों से स्थानीय निकाय के अंतर्गत नियोजन इकाइयों के माध्यम से बहाल होकर सरकारी विद्यालयों में बतौर शिक्षक अपनी सेवा दे रहे थे. एक जनवरी को सूबे के शिक्षकों ने नियोजन मुक्ति दिवस मनाते हुए खुशी जाहिर की. बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन बीएसटीए गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बताया शिक्षक लंबे समय से राज्यकर्मी के दर्जे की मांग के लिए संघर्षरत थे. शिक्षकों का लोकतांत्रिक संघर्ष रुकने वाला नहीं है. राज्य सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने का फैसला स्वागत योग्य है. सूबे के शिक्षक सरकार से उम्मीद करते हैं कि सहायक शिक्षक के कैडर को पुनर्जीवित करते हुए उस पर तमाम विशिष्ट शिक्षकों व विद्यालय अध्यापकों को समायोजित करने व तदनुरूप सेवा शर्त व पूर्ण वेतनमान देने का काम भी सरकार करेगी.

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