पटना में सार्वजनिक होंगे रेवेन्यू ऑफिसर के मोबाइल नंबर, 19 जोन में बांटा गया क्षेत्र, जानें सेल्फ असेसमेंट का तरीका
नगर निगम की तस्वीर
Patna Property Tax : पटना नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने और राजस्व जुटाने के लिए एक विशेष अभियान चला रहा है. इसके तहत, रेवेन्यू ऑफिसर अब सीधे घरों पर जाकर संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे, जिससे टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता आएगी.
Patna Property Tax : राजधानी पटना में प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा बढ़ाने और राजस्व जुटाने के लिए पटना नगर निगम ने स्पेशल ड्राइव शुरू किया है. अभियान के तहत रेवेन्यू ऑफिसर अब सीधे लोगों के घर पहुंचकर संपत्तियों का री-असेसमेंट करेंगे. इसका उद्देश्य संपत्ति के वास्तविक विवरण के आधार पर टैक्स निर्धारण करना और लोगों को बिचौलियों के चक्कर से बचाना है.
रेवेन्यू ऑफिसरों के नंबर होंगे सार्वजनिक
नगर निगम प्रशासन जल्द ही सभी अंचलों के रेवेन्यू ऑफिसरों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की तैयारी में है. इससे आम नागरिक सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे. यदि किसी संपत्ति में बदलाव हुआ है, तो उसकी जानकारी देकर री-असेसमेंट की प्रक्रिया भी कराई जा सकेगी.
19 जोन में बांटा गया नगर निगम क्षेत्र
पटना नगर निगम क्षेत्र को 19 जोनों में बांटा गया है. प्रत्येक जोन में जोनल हेड तैनात रहेंगे. अधिकारियों के जरिए संपत्तियों की स्थिति और टैक्स निर्धारण से संबंधित मामलों की निगरानी की जाएगी.
नई मंजिल या सड़क की श्रेणी बदली तो दें जानकारी
यदि किसी मकान में नई मंजिल का निर्माण हुआ है या संपत्ति से जुड़ी सड़क की श्रेणी में बदलाव हुआ है, तो संपत्ति मालिक सेल्फ असेसमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा संबंधित अधिकारी को घर बुलाकर संपत्ति का री-असेसमेंट भी कराया जा सकता है.
5580 लोगों ने कराया सेल्फ असेसमेंट
नगर निगम के अनुसार एक अप्रैल से 17 सितंबर तक 5580 लोग सेल्फ असेसमेंट करा चुके हैं. इनमें से 3673 लोगों ने संपत्ति कर का भुगतान भी कर दिया है. नगर निगम अब टैक्स असेसमेंट के दायरे को और बढ़ाने पर काम कर रहा है.
बड़े मॉल और कॉम्प्लेक्स की भी होगी जांच
कमर्शियल और बड़ी संपत्तियों में टैक्स चोरी रोकने के लिए नगर निगम ने विशेषज्ञ टीम को भी जांच में लगाया है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर पांच टाउन प्लानर और दो आर्किटेक्ट की टीम गठित की गई है.
नक्शे और वास्तविक क्षेत्रफल का होगा मिलान
विशेषज्ञ टीम बड़े मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल और खाली जमीनों का मौके पर निरीक्षण करेगी. आधुनिक उपकरणों की मदद से स्वीकृत नक्शे और मौके पर मौजूद वास्तविक क्षेत्रफल का मिलान किया जाएगा. निर्माण या टैक्स निर्धारण में गड़बड़ी मिलने पर फोटो और वीडियो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
गड़बड़ी मिलने पर दोबारा तय होगा टैक्स
जांच के दौरान यदि संपत्ति के निर्माण या टैक्स निर्धारण में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित संपत्ति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके आधार पर टैक्स का दोबारा निर्धारण और नियमों के अनुसार पेनाल्टी की कार्रवाई की जा सकती है.
तीन स्तरों पर चल रहा टैक्स संवर्धन अभियान
पटना नगर निगम का संपत्ति कर अभियान तीन स्तरों पर चलाया जा रहा है. पहली टीम बिजली विभाग से मिले कंज्यूमर डेटा के आधार पर संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है. दूसरी टीम पुरानी संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन पर काम कर रही है. तीसरी टीम लंबे समय से संपत्ति कर के बकायेदारों से संपर्क कर वसूली सुनिश्चित करने में जुटी है.
किस अंचल में कितने असेसमेंट और भुगतान
एक अप्रैल से 17 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार अजीमाबाद अंचल में 964 असेसमेंट हुए, जिनमें 676 का भुगतान किया गया. बांकीपुर में 563 असेसमेंट में 356 भुगतान, कंकड़बाग में 938 में 623 भुगतान और नूतन राजधानी अंचल में 1217 में 793 भुगतान हुए.
पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक असेसमेंट
पाटलिपुत्र अंचल में 1385 असेसमेंट हुए, जिनमें 881 लोगों ने टैक्स का भुगतान किया. पटना सिटी अंचल में 513 असेसमेंट हुए और 344 लोगों ने भुगतान किया. नगर निगम इन आंकड़ों के आधार पर संपत्ति कर संग्रह को बढ़ाने के लिए अभियान को आगे बढ़ा रहा है.
घर बैठे ऐसे करें सेल्फ असेसमेंट
संपत्ति मालिक पटना नगर निगम के पोर्टल पर जाकर सेल्फ असेसमेंट का विकल्प चुन सकते हैं. इसके बाद मोबाइल नंबर को ओटीपी के जरिए सत्यापित करना होगा. फिर वित्तीय वर्ष, अंचल, वार्ड, संपत्ति का प्रकार, सड़क का नाम, अधिग्रहण की तिथि, वर्षाजल संचयन और जल कनेक्शन से जुड़ी जानकारी भरनी होगी.
संपत्ति और मालिक की जानकारी भरनी होगी
इसके बाद संपत्ति का पूरा पता, पिन कोड, ई-मेल, स्वामित्व का प्रकार, मकान मालिक का नाम और बिजली बिल का सीए नंबर दर्ज करना होगा. आवेदन में मांगे गए दस्तावेजों को भी अपलोड करना होगा.
रजिस्ट्री और बिजली बिल के साथ GPS फोटो जरूरी
सेल्फ असेसमेंट के दौरान रजिस्ट्री पेपर या रसीद, बिजली बिल और जीपीएस लोकेशन वाली फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे. सभी विवरण भरने के बाद घोषणा पत्र पढ़कर जानकारी की जांच करनी होगी और आवेदन सबमिट करना होगा.
SAS नंबर से कर सकेंगे टैक्स भुगतान
आवेदन जमा करने के बाद संपत्ति मालिक को एसएएस नंबर मिलेगा. इस नंबर की मदद से संपत्ति कर का भुगतान किया जा सकता है और भुगतान के बाद डिजिटल रसीद प्राप्त की जा सकती है.
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