बिहार के आरा, समस्तीपुर समेत सात शहरों में रेल डाक सेवा बंद, लोगों की बढ़ी परेशानी

Author Ashish jha
Updated:
विज्ञापन

Rail Postal Service

Rail Postal Service : इन शहरों में आरएमएस के बंद होने से ग्राहकों को रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट के लिए अन्य केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. वहीं शाम के बाद पोस्टल कार्य में परेशानी हो रही है.

विज्ञापन

Rail Postal Service: पटना. बिहार की सात शहरों में रेल डाक सेवा को बंद कर दिया गया है. इससे अब जहानाबाद, मोकामा, आरा, डेहरी आन सोन, समस्तीपुर, हाजीपुर एवं नरकटियागंज आरएमएस को बंद कर दिया गया है. यहां के इंट्रा सर्किल हब (आइसीएच) को स्थानीय पोस्ट ऑफिस के अधीन कर दिया गया है. डाक निदेशालय के आदेशानुसार नेशनल सार्टिंग हब (एनएसएच), कंप्यूटरीकृत पंजीकृत छंटाई केन्द्र (सीआरएस) को दिसंबर से बंद किया गया है. इन शहरों में आरएमएस के बंद होने से ग्राहकों को रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट के लिए अन्य केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. वहीं शाम के बाद पोस्टल कार्य में परेशानी हो रही है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बिहार में चार डिवीजन हैं कार्यरत

बताया जाता है कि आरएमएस आरा व मोकामा के कर्मी को पटना, जहानाबाद व डेहरी आन सोन को गया, नरकटियागंज को मोतिहारी, हाजीपुर के कर्मी मुजफ्फरपुर व कार्य पटना डिविजन को दे दिया गया है, जबकि, समस्तीपुर के कर्मी को दरभंगा में अटैच किया गया है. मामले को लेकर केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद दुबे ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इन केंद्रों को चालू कराने का आग्रह किया है. बिहार आरएमएस सेवा के तहत चार डिविजन कार्यरत हैं. इसमें सी मंडल गया, पीटी डिविजन पटना, एनबी मंडल बरौनी एवं यू मंडल मुजफ्फरपुर के रूप में कार्य कर रहा है. इसके तहत एनबी मंडल में समस्तीपुर, यू मंडल के तहत हाजीपुर एवं नरकटियागंज, पीटी मंडल में मोकामा व आरा एवं सी मंडल के तहत जहानाबाद एवं डेयरी आन सोन आरएमएस को बंद कर दिया गया है.

कर्मियों पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

कर्मचारी बताते है कि इंट्रा सर्किल हब (आइसीएच) बनाने के लिए निदेशालय के अनुसार जारी निदेश के तहत कार्य किया गया है, इसके बाद भी इसे बंद कर दिया गया है. इससे कर्मचारी के साथ-साथ आमजन को भी परेशानी हो रही है. डाक रक्षक एवं एमटीएस कर्मचारी संघ बिहार परिमंडल के सचिव अनुज कुमार ने बताया कि इन आरएमएस में तीन से चार हजार आर्टिकल निष्पादित होते थे, जबकि आइसीएच के लिए दो हजार आर्टिकल का निष्पादन होना मानक के अनुरूप है. इसके बाद भी सेवा को बंद कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर स्पीड पोस्ट एवं रजिस्ट्रर्ड पत्रों का प्रेषण एक ही डाक थैले से हो रहा है. इस बदलाव से एक ही जगह बहुत सारी डाक वस्तुओं का संग्रहण हो रहा है, इससे कर्मियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

Also Read: बिहार में शिक्षकों मिलेगा टैब, मार्च से लागू हो सकती है बच्चों के लिए डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन