गुरु को कार्ड, कर्मी को श्रद्धांजलि... पटना यूनिवर्सिटी के MJMC में सादगी और संवेदना के बीच मना शिक्षक दिवस
पटना यूनिवर्सिटी के एमजेएमसी में सादगी से मना शिक्षक दिवस
पटना विश्वविद्यालय के एमजेएमसी विभाग में शिक्षक दिवस पर सादगीपूर्ण आयोजन हुआ. विद्यार्थियों ने शिक्षकों को हस्तनिर्मित कार्ड भेंट कर सम्मान जताया, वहीं विश्वविद्यालय कर्मी की असामयिक मृत्यु पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी.
Patna University MJMC Teacher's Day Celebration: पटना विश्वविद्यालय के मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एमजेएमसी) विभाग में शिक्षक दिवस समारोह सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के एक कर्मी की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गयी. इसके बाद विभाग के शिक्षकों और समन्वयक ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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शिक्षकों को भेंट किए हस्तनिर्मित कार्ड
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और भावनाओं को अनोखे अंदाज में व्यक्त किया. विद्यार्थियों ने शिक्षकों को हस्तनिर्मित कार्ड भेंट किए और उनके साथ अपने अनुभव साझा किए. विद्यार्थियों ने कहा कि उनके व्यक्तित्व, सोच और जीवन दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

विद्यार्थियों की सफलता में ही शिक्षक की उपलब्धि
विभाग के शिक्षक डॉ. गौतम कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की उपलब्धि में ही शिक्षकों की उपलब्धि भी समाहित होती है. शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उन्हें समाज में बेहतर तरीके से समायोजित करने की भी जिम्मेदारी निभाते हैं.
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों के नैतिक मूल्यों में गिरावट आती है, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को भी स्वीकार करनी होगी. शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी है.
एजुकेशनल टूर को बताया जरूरी
डॉ. गौतम कुमार ने विद्यार्थियों के लिए विभाग की ओर से एजुकेशनल टूर आयोजित करने को आवश्यक बताया. उन्होंने इसके जल्द क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि कक्षा में मिलने वाले सैद्धांतिक ज्ञान के साथ विभिन्न स्थानों और संस्थानों को देखने-समझने का अवसर विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव का विस्तार करता है.
शिक्षक-विद्यार्थी रिश्ते को बताया जीवनभर का
विभाग के समन्वयक डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की जरूरत है.
रचना सिंह ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर मार्गदर्शन और सीखने का रिश्ता है. विद्यार्थियों को शिक्षकों से मिले संस्कार और सीख को अपने जीवन में उतारना चाहिए.
अनुशासन और सकारात्मक सोच से मिलेगी सफलता
प्रशांत रंजन ने कहा कि सफलता के लिए ज्ञान के साथ अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच जरूरी है. विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचानकर लगातार बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए.
एमडी मुदस्सिर सिद्दीकी ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा सम्मान और खुशी है. उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के प्रति अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद का माहौल रहा. सादगीपूर्ण आयोजन में विद्यार्थियों की ओर से शिक्षकों के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान समारोह का खास आकर्षण रहा.
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