पटना के युवक से 10 लाख रुपये की साइबर ठगी, निवेश पर रिटर्न का झांसा देकर लगाया चूना, फिर ब्लॉक किया नंबर
Cyber Fraud (AI Image)
Patna Cyber Fraud : पटना के एक युवक से निवेश के नाम पर 10 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है. आरोपी ने बड़े रिटर्न का लालच देकर पैसे हड़प लिए और फिर संपर्क तोड़ दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
Patna Cyber Fraud : पटना सिटी के रहने वाले एक युवक से निवेश पर बड़ा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित युवक आरव ने झारखंड के हटिया निवासी दिलीप कुमार को आरोपी बनाते हुए साइबर थाने में केस दर्ज कराया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
बड़े रिटर्न का भरोसा देकर लिये 10 लाख रुपये
पीड़ित के अनुसार, दिलीप कुमार ने उसे रुपये निवेश करने पर बेहतर और बड़ा रिटर्न मिलने का भरोसा दिया था. उसके झांसे में आकर युवक ने 10 लाख रुपये दे दिये. रकम एक अन्य व्यक्ति के खाते में मंगायी गयी, जिसकी पहचान लोहरदगा निवासी उत्कर्ष मेहता के रूप में बतायी गयी है.
आरोपी ने उत्कर्ष को बताया था अपना भाई
शिकायत के मुताबिक, दिलीप ने उत्कर्ष मेहता को अपना भाई बताया था. इसी भरोसे पर युवक ने बताए गए खाते में रकम भेजी. बाद में जब उसे निवेश के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का शक हुआ, तो उसने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की.
पैसे मांगने पर फोन नंबर कर दिया ब्लॉक
युवक का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर दिलीप कुमार ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच संपर्क टूट गया. पीड़ित ने जब उत्कर्ष मेहता के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उसे भी रुपये वापस नहीं मिलने की बात कही गयी.
पुलिस ने दर्ज किया साइबर फ्रॉड का केस
रकम वापस नहीं मिलने के बाद युवक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने दिलीप कुमार समेत मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब लेन-देन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है.
खाते में भेजी गयी रकम की जांच होगी
जांच के दौरान पुलिस उस खाते की भी पड़ताल करेगी, जिसमें 10 लाख रुपये मंगाये गये थे. खाते के धारक उत्कर्ष मेहता की भूमिका और दिलीप कुमार के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस लेन-देन की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है.
फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं
इस मामले में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और पैसों के लेन-देन के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.
निवेश के नाम पर ठगी से रहें सावधान
साइबर ठगी के मामलों में ठग अक्सर कम समय में बड़ा रिटर्न देने का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार करते हैं. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश करने या किसी दूसरे के बैंक खाते में बड़ी रकम भेजने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करना जरूरी है. संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत बैंक और संबंधित साइबर अपराध तंत्र को इसकी जानकारी देनी चाहिए.
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