पटना में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 21.77 लाख की ठगी: बोरिंग रोड के कारोबारी को ऊंचे रिटर्न का झांसा, 4 जालसाजों पर FIR

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

पटना में फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर 21.77 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. बोरिंग रोड निवासी को ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया. पुलिस ने कोलकाता और यूपी के चार जालसाजों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

Patna News: राजधानी पटना के पॉश इलाके बोरिंग रोड में फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के जरिए भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर 21.77 लाख रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ठगी के शिकार बोरिंग रोड निवासी अमर सहाय ने श्रीकृष्णापुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल कोलकाता और उत्तर प्रदेश के चार नामजद जालसाजों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

कोलकाता और यूपी के जालसाजों ने बनाया था शिकार

पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े चार आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें कोलकाता निवासी अनूप चौहान व असबाब अली और उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी मीरा देवी व रिजवान शामिल हैं. इन सभी पर सुनियोजित तरीके से संगठित गिरोह बनाकर पटना के व्यवसायी को अपने जाल में फंसाने और धोखाधड़ी से रकम ऐंठने का आरोप है. पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करने में जुटी है.

खातों में ट्रांसफर कराए लाखों रुपये

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने अमर सहाय से संपर्क कर ‘पिप्सनप्रोफिट’ (Pipsonprofit) नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और फॉरेक्स ट्रेडिंग गतिविधियों के जरिए शत-प्रतिशत सुरक्षित निवेश और असाधारण रिटर्न का लालच दिया था. उनके लुभावने आश्वासनों पर भरोसा करते हुए पीड़ित ने विभिन्न चरणों में बैंक ट्रांसफर, यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग खातों में कुल 21.77 लाख रुपये जमा करा दिए.

फर्जी ट्रेडिंग रिकॉर्ड दिखाकर भरमाया

आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए फर्जी ट्रेडिंग रिकॉर्ड और जाली अकाउंट समरी दिखाई, जिससे पीड़ित को लगा कि उनका निवेश सुरक्षित है और मुनाफा तेजी से बढ़ रहा है. मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने मूलधन और मुनाफे की निकासी (विड्रॉल) की मांग की, जिस पर आरोपी टालमटोल करने लगे. मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस अधिकारियों ने कहा, "कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद जब पीड़ित को पैसे वापस नहीं मिले, तब उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है. जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी पड़ताल कर जालसाजों की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल की मदद से अग्रिम कार्रवाई की जा रही है."

Also Read: पटना के गणपति गेस्ट हाउस में देह व्यापार का खुलासा, 4 मंजिलों पर चल रहा था खेल; 4 युवतियां हिरासत में, एक गिरफ्तार, संचालक फरार

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन