बिहार में बाढ़ का पानी उतरा तो बढ़ी बीमारी, अस्पतालों में वायरल बुखार और टाइफाइड के मरीज बढ़े, रोज 100-150 मरीज पहुंच रहे

Updated:
विज्ञापन

pmch की तस्वीर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Diseases After Floods : बिहार में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है. पटना के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है, खासकर वायरल बुखार, दस्त और त्वचा संबंधी समस्याओं के मामले अधिक सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए ज़रूरी निर्देश जारी किए हैं.

विज्ञापन

Diseases After Floods : बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम होने के बाद अब संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का असर दिखने लगा है. पटना के सरकारी अस्पतालों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. पीएमसीएच में अकेले बाढ़ प्रभावित इलाकों से हर दिन करीब 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं. वायरल बुखार, दस्त, टाइफाइड और त्वचा संबंधी संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ी है.

विज्ञापन

पीएमसीएच की मेडिसिन ओपीडी में 200 मरीज बढ़े

पीएमसीएच के मेडिसिन विभाग में पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या करीब 200 बढ़ गयी है. एक सप्ताह पहले तक ओपीडी में करीब 300 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे थे, जो अब बढ़कर करीब 500 हो गये हैं. इनमें करीब 25 फीसदी मरीज वायरल बुखार, दस्त और टाइफाइड की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. विभाग के डॉ राजन कुमार के अनुसार, वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है.

पटना सिटी और दीघा समेत इन इलाकों से पहुंच रहे मरीज

पीएमसीएच में पटना सिटी, दीदारगंज, महेंद्रू, दीघा समेत अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों से मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं. बाढ़ का पानी निकलने के बाद कई इलाकों में कीचड़ और गंदा पानी जमा है. चिकित्सकों के अनुसार, दूषित पानी और बदलते मौसम के कारण संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा है.

आइजीआइएमएस की ओपीडी में 400 से बढ़कर 550 मरीज

आइजीआइएमएस के मेडिसिन विभाग में भी पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या 20 से 25 फीसदी तक बढ़ी है. पहले यहां रोजाना करीब 400 मरीज ओपीडी में आते थे, जबकि अब संख्या बढ़कर करीब 550 हो गयी है. डॉ सेतु सिंह के अनुसार, इनमें करीब 150 मरीज टाइफाइड, वायरल बुखार या दस्त की शिकायत वाले हैं. इनमें बड़ी संख्या फतुहा और मनेर के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों की है.

न्यू गार्डिनर रोड और दानापुर अस्पताल में भी बढ़े मरीज

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में रोजाना करीब 500 से 550 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं. इनमें लगभग 200 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं. दानापुर अस्पताल की डॉ निभा कुमारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों से आने वाले मरीजों में संक्रमण से जुड़ी बीमारियां अधिक देखने को मिल रही हैं.

पानी में पैर रहने से बढ़ी खुजली और त्वचा की समस्या

बाढ़ के बाद त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है. पीएमसीएच और आइजीआइएमएस की त्वचा रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या करीब 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गयी है. पीएमसीएच के चर्म रोग विभाग की एचओडी डॉ अनुपमा सिंह के अनुसार, ओपीडी में रोजाना करीब 80 से 100 मरीज खुजली और चकत्ते की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं.

गंदे पानी और कीड़े-मकौड़ों के कारण चकत्ते की शिकायत

डॉ अनुपमा सिंह के अनुसार, लंबे समय तक पानी में पैर रहने से खुजली की समस्या बढ़ सकती है. वहीं, गंदे पानी में मौजूद कीड़े-मकौड़ों के काटने से त्वचा पर चकत्ते और संक्रमण की शिकायत हो रही है. आइजीआइएमएस के चर्म रोग विभाग के डॉ क्रांति ने भी बरसाती खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात कही. त्वचा पर घाव और संक्रमण की शिकायत वाले मरीज भी बढ़े हैं.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये निर्देश

सिविल सर्जन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करने की अपील की है. लोगों को खुले या बासी भोजन से बचने और केवल ताजा व पका हुआ खाना खाने की सलाह दी गयी है. हैंडपंप के आसपास की जगह को साफ करने के बाद ही पानी इस्तेमाल करने और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने को कहा गया है.

घाव होने पर गंदे पानी के संपर्क से बचने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने घाव या संक्रमण होने पर प्रभावित हिस्से को गंदे पानी के संपर्क में नहीं आने देने और चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी है. घर के आसपास पानी जमा होने की स्थिति में रात में मच्छरदानी लगाकर सोने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव भी कराया जा रहा है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

पटना के सिविल सर्जन डॉ योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी निकल गया है, लेकिन कई जगहों पर गंदा पानी अब भी जमा है. नगर निगम की मदद से एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है. वायरल बुखार के बाद टाइफाइड के मामले भी सामने आ रहे हैं. लोगों को पानी उबालकर पीने और गंदे पानी में नंगे पैर नहीं चलने की सलाह दी जा रही है.

Also Read : पटना के इन इलाकों में आज कई घंटे गुल रहेगी बिजली, मुस्तफापुर से बोरिंग रोड तक जानें पूरा शेड्यूल

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन