पटना : आयुर्वेदिक अस्पताल में नहीं मिल रही दवा, मरीज परेशान
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं. यहां दर्जनों मरीज भर्ती होकर भी अपना इलाज करवाते हैं. लेकिन यहां आने वाले मरीज इन दिनों परेशान हैं. कारण कि इन्हें यहां से मिलने वाली दवाएं मिल नहीं पा रही हैं. अस्पताल में नि:शुल्क मिलने वाली 84 […]
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पटना : राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं. यहां दर्जनों मरीज भर्ती होकर भी अपना इलाज करवाते हैं. लेकिन यहां आने वाले मरीज इन दिनों परेशान हैं. कारण कि इन्हें यहां से मिलने वाली दवाएं मिल नहीं पा रही हैं.
अस्पताल में नि:शुल्क मिलने वाली 84 दवाओं में से सोमवार को
मात्र 23 ही उपलब्ध थी. ज्यादातर दवाएं नहीं मिलने से मरीज या तो इलाज अधूरा छोड़ रहे हैं या फिर बाजार से दवाएं खरीदने को मजबूर हो रहे हैं. इतना ही नहीं यहां होने वाले पंचकर्म चिकित्सा में भी मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं. इससे पंचकर्म प्रभावित हो रहा है. ऐसा पहली बार हो रहा है कि मरीज बाजार से दवाएं खरीदकर पंचकर्म करवा रहे हैं.
मरीजों को मिल रहा दोनों समय चावल : अस्पताल में भर्ती मरीजों को इन दिनों करीब एक माह से दोनों ही समय चावल मिल रहा है. उन्हें रात में मिलने वाली रोटी बंद है. इसके पीछे कारण बताया जा रहा है जिस चूल्हे पर रोटी बनती थी, उसका गैस सिलिंडर खत्म हो गया है. इससे उन मरीजों को भी रात में चावल खाना पड़ रहा है, जिन्हें इससे नुकसान हो सकता है.
सुपरिटेंडेंट के रिटायर होने से आयी परेशानी
मरीजों को होने वाली इस परेशानी का कारण अस्पताल के सुपरिटेंडेंट का दिसंबर में रिटायर होना है. सुपरिटेंडेंट को ही अस्पताल में वित्तीय अधिकार होते हैं और वहीं दवा समेत दूसरी चीजों की खरीदारी कर सकते हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किसी को पदभार या वित्तीय अधिकार नहीं दिये गये. इसके कारण पिछले करीब डेढ़ महीने से सारी खरीदारी बंद हो गयी. यही कारण है कि अस्पताल में दवाओं की किल्लत चल रही है. अब दो-तीन दिन पहले नये अधीक्षक को प्रतिनियुक्त किया गया है.
डेढ़ महीने तक सुपरिटेंडेंट नहीं रहने के कारण दवाओं की खरीद बंद हो गयी थी. इसके कारण अभी काफी कम दवाएं मिल रही हैं. अब सुपरिटेंडेंट पद पर नयी प्रतिनियुक्ति हुई है तो उम्मीद है कि मरीजों की समस्याएं जल्द दूर हो जायेंगी.
-डॉ दिनेश्वर प्रसाद, प्राचार्य, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल
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