नकल के आरोप में निष्कासन पर आत्महत्या की कोशिश, हंगामा

Updated at : 20 Dec 2019 7:31 AM (IST)
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नकल के आरोप में निष्कासन पर आत्महत्या की कोशिश, हंगामा

पटना : शहर के एक मैनेजमेंट संस्थान में एक छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश के बाद हंगामा खड़ा हो गया. बुधवार देर रात मैनेजमेंट के छात्र ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद छात्रों ने गुरुवार को कैंपस के बाहर ही आंदोलन खड़ा कर दिया. छात्रों के बढ़ते हंगामे को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने […]

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पटना : शहर के एक मैनेजमेंट संस्थान में एक छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश के बाद हंगामा खड़ा हो गया. बुधवार देर रात मैनेजमेंट के छात्र ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद छात्रों ने गुरुवार को कैंपस के बाहर ही आंदोलन खड़ा कर दिया. छात्रों के बढ़ते हंगामे को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने संस्थान से निष्कासन वापस ले लिया है.

इसके साथ कई अन्य कारणों से क्लास से निष्कासित छात्रों को भी क्लास में वापस बुला लिया गया है. निष्कासन रद्द होने के बाद छात्रों ने हंगामा शांत किया और कैंपस में लौटे. हालांकि छात्रों ने निदेशक से मिलने और मांगें पूरी होने पर ही पूर्ण रूप से प्रदर्शन समाप्त होने की बात कही है.
आत्महत्या के प्रयास से पहले किया इ-मेल : दरअसल, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम) फाइनल इयर के छात्र अभिषेक भारती ने बुधवार को आत्महत्या की कोशिश की. आत्महत्या के प्रयास से पहले उन्होंने अपने इ-मेल में तीन शिक्षकों पर आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर करने की बात कही थी. इसके बाद छात्र कॉलेज के सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं.
गौरतलब है कि परीक्षा से पहले ही फेल करने की कार्रवाई से नाराज होकर अभिषेक ने पहले जहरीला पदार्थ का सेवन किया. इसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. अभिषेक का कैंपस प्लेसमेंट बिहार सरकार में हो चुका था. कोर्स समाप्त होने के दो माह पहले निष्कासन से वह काफी डिप्रेशन में था.
इस सुसाइड की कोशिश के बाद ही पूरे कैंपस में उबाल मच गया. छात्रों ने कैंपस में ही मैनेजमेंट प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आंदोलन किया. स्टूडेंट्स की मानें तो कैंपस में काफी भेदभाव किया जाता है. बिना कारण कई स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया जाता है.
कई तरह के लगाये गये हैं आरोप
छात्रों ने कहा कि लेट फीस भुगतान करने पर भी कड़े फाइन का प्रावधान है. बैंक सेमेस्टर मार्क्स जमा करने के बाद अगले सेमेस्टर का शुल्क देती है. डीआरसीसी भी मार्क्सशीट देने के बाद ही पैसा रिलीज करता है. समय पर फीस का भुगतान नहीं होने के कारण फाइन देना होता है. क्लास एक मिनट लेट आने पर एक हजार से अधिक का फाइन लगा दिया जाता है. पिछले बार आठ लाख फीस थी इस बार 2019 में 10 लाख फीस कर दी गयी है. कई तरीकों से स्टूडेंट्स को परेशान किया जाता है. इन कारणों से कई छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं.
अब विरोध नहीं, आज से चलेगा क्लास
संस्थान के सीनियर लायजन कंसल्टेंट कुमुद कुमार ने कहा कि क्लास का इंटरनल एग्जाम चल रहा था, जिसमें नकल करते हुए उसे पकड़ा गया था. इसी के आधार पर उसे निष्कासित किया गया था. लेकिन अब मानवीय आधार पर उसका निष्कासन वापस ले लिया गया है. किसी तरह का कोई विरोध नहीं है. क्लास में सभी को बुला लिया गया है. शुक्रवार से क्लास चलेगा.
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