अगले विधानसभा चुनाव में राजनैतिक विकल्प बनेगा भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच

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समाज को एकजुट होकर मांगों को लेकर करना होगा संघर्ष पटना : भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि समाज को किंग मेकर की भूमिका निभानी होगी. राजनैतिक दलों को समाज का करोड़ों वोट हासिल करने के लिए सम्मान देना होगा. अन्यथा आनेवाले विधान सभा चुनाव में मंच राजनैतिक […]

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समाज को एकजुट होकर मांगों को लेकर करना होगा संघर्ष
पटना : भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि समाज को किंग मेकर की भूमिका निभानी होगी. राजनैतिक दलों को समाज का करोड़ों वोट हासिल करने के लिए सम्मान देना होगा. अन्यथा आनेवाले विधान सभा चुनाव में मंच राजनैतिक विकल्प बनेगा. समाज अगर किसी को सत्ता पर बैठा सकता है तो उसे उखाड़ने की भी शक्ति रखता है.
गांधी मैदान में भूमिहार ब्राह्मण एकता महारैली को संबोधित करते हुए आशुतोष कुमार ने उक्त बातें कहीं. उन्होंने समाज से आये लोगों को एकजुट होकर अपनी ताकत का एहसास कराने की बात कही. उन्होंने स्वीकार किया कि समाज के 10 फीसदी लोग ही इस समाज को बर्बाद करने में लगे हैं.
उन्होंने कहा कि 15 साल लालू-राबड़ी के कुशासन व 14 साल से सुशासन की सरकार में समाज की क्षति हुयी है. समाज के कुछ नेता सरकार में शामिल होकर उसकी गुणगान में लगे हैं, जबकि बड़े पैमाने पर समाज की क्षति हो रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में समाज के लोगों की कई सीटें छीन कर दूसरे समाज के लोगों को देने का काम हुआ. वर्तमान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता नहीं संभल रही है तो किसी ब्रह्मर्षि को सत्ता सौंप दें. समाज के लोगों से कहा कि अगर समाज के प्रति समर्पित हैं तो लक्ष्य हासिल करने से कोई रोक नहीं सकता है.
ब्रह्मेश्वर मुखिया व अनंत सिंह की हुई चर्चा
वक्ताओं ने ब्रह्मेश्वर मुखिया की चर्चा करते हुए कहा कि वे सिद्वांत की लड़ाई लड़ते थे. समाज एकजुट हो जाये तो अनंत सिंह भी जेल से बाहर निकल सकते हैं. मौके पर संरक्षक फूल सिंह ने कहा कि फिर से समाज अपने पुरानेवाले तेवर में आयेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साकेत बिहारी शर्मा ने कहा कि कई ताकतें समाज को संगठित नहीं होने दे रही है.
राष्ट्रीय संरक्षक मृणाल माधव ने कहा कि श्रीबाबू के सपनों का समाज बनाना है. महारैली को आशुतोष कुमार के पिता आचार्य लक्ष्मण, बनारस से आये अनंत सरस्वती महाराज, अशोक राय, अजय तिवारी, धर्मवीर शुक्ला, विक्की तिवारी, प्रसून कुमार भल्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया.
पांच सूत्री मांगें उठीं
महारैली में केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष पांच सूत्री मांगें रखी गयी. इसमें सवर्ण समाज को 25 फीसदी आरक्षण देने, सवर्ण आयोग को संवैधानिक दर्जा, परशुराम छात्रावास का निर्माण, सवर्ण युवाओं पर हुए एफआइआर की वापसी, सवर्ण बहुल्य पंचायतों को आरक्षण से मुक्त करने की मांग शामिल है. इसके लिए संघर्ष करने का निर्णय लिया गया. महारैली में नीतीश सरकार के खिलाफ जम कर नारा लगा.

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