पटना : कृषि कार्यालय से पांच कर्मी गायब, वेतन कटा

Updated at : 02 Jul 2019 9:02 AM (IST)
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पटना : कृषि कार्यालय से पांच कर्मी गायब, वेतन कटा

तीनों केस के अनुसंधानकर्ता व शिकायतकर्ताओं पर प्राथमिकी निर्भय व उनकी पत्नी को झूठे केस में फंसाने का मामला पटना : दिल्ली के गुड़गांव निवासी निर्भय सिंह व उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह के खिलाफ पटना में दर्ज तीनों केस झूठे निकले. तीनों ही केस गलत जानकारी देकर किये गये और अनुसंधानकर्ता व अन्य पुलिस अधिकारियों […]

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तीनों केस के अनुसंधानकर्ता व शिकायतकर्ताओं पर प्राथमिकी
निर्भय व उनकी पत्नी को झूठे केस में फंसाने का मामला
पटना : दिल्ली के गुड़गांव निवासी निर्भय सिंह व उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह के खिलाफ पटना में दर्ज तीनों केस झूठे निकले. तीनों ही केस गलत जानकारी देकर किये गये और अनुसंधानकर्ता व अन्य पुलिस अधिकारियों ने इन केसों की सही ढ़ंग से जांच नहीं की.
इसके साथ ही पुलिस ने केस को सत्य करार देते हुए निर्भय सिंह व उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह को गुड़गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. लेकिन, निर्भय सिंह के परिजनों के अथक प्रयास के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी केसों की जांच करायी तो मामला गलत निकला.
पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद कोतवाली थाना और बुद्धा कॉलोनी थाने में अनुसंधानकर्ता व शिकायतकर्ता के खिलाफ जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
इसके साथ ही दर्ज तीनों केसों में की गयी कार्रवाई के संबंध में तत्कालीन सिटी एसपी अमरकेश डी व डीएसपी विधि व्यवस्था डा मो शिबली नोमानी से स्पष्टीकरण पूछा गया है. एसएसपी गरिमा मलिक ने दोनों पुलिस पदाधिकारियेां से स्पष्टीकरण मांगते हुए सात दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है.
दर्ज प्राथमिकी में दो केसों के अनुसंधानकर्ता कोतवाली थाने के दारोगा विक्रमादित्य झा, शिकायतकर्ता निर्भय सिन्हा व ललन कुमार और बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज केस के अनुसंधानकर्ता दारोगा मनीष कुमार व शिकायतकर्ता धैर्य कुमार को आरोपित बनाया गया है.
एसएसपी गरिमा मलिक ने केस दर्ज किये जाने की पुष्टि की और बताया कि इस मामले में और लोगों के भी नाम सामने आ सकते हैं. उन पर भी कार्रवाई की जायेगी.
किसी केस में नहीं की गयी जांच और भेज दिया गया जेल : निर्भय सिंह व उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह के खिलाफ दर्ज केसों की सत्यता की जांच कर सिटी एसपी मध्य प्रांतोष कुमार दास ने अपनी रिपोर्ट को पुलिस मुख्यालय को दिया था. सिटी एसपी ने अपनी रिपोर्ट में सभी केस को गलत करार दिया था.
तीनों प्राथमिकियों में क्या-क्या?
1. यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने 23 अक्तूबर 2017 को कोतवाली थाने में निर्भय सिंह और उनकी पत्नी मिथिलेश सिंह पर 17.50 लाख रुपये गबन करने की प्राथमिकी दर्ज की थी. इस केस के अनुसंधानकर्ता कोतवाली थाने के दारोगा विक्रमादित्य झा थे.
2. आयकर गोलंबर निवासी धैर्य कुमार ने बुद्धा कॉलोनी थाने में छह नवंबर, 2017 को मामला दर्ज कराया था. जिसमें एक्सयूडर मशीन को दिलाने के नाम पर निर्भय सिंह द्वारा 23 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया था. इस केस के अनुसंधानकर्ता दारोगा मनीष कुमार थे.
3. फ्रेजर रोड निवासी निर्भय सिन्हा ने कोतवाली थाने में दो दिसंबर, 2017 को मामला दर्ज कराया था कि निर्भय सिंह ने उन्हें फर्नीचर से संबंधित रॉ मटेरियल सप्लाइ करने के नाम पर 43 लाख रुपये ले लिया था. इस केस में भी अनुसंधानकर्ता दारोगा विक्रमादित्य झा थे.
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