बैंक हड़ताल : प्रदेश की 6844 शाखाओं पर लटके रहे ताले, 10000 करोड़ का लेन-देन बाधित
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडेरेशन (आॅयबॉक) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक अधिकारी विभिन्न मांगों के समर्थन व सरकार की बैंक विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल पर रहे. इस कारण प्रदेश के सार्वजनिक बैंकों की 6844 शाखाओं पर ताले लटके रहे. एक दिवसीय हड़ताल की वजह से 8000-10000 करोड़ की बैंकिंग लेन-देन […]
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पटना : ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडेरेशन (आॅयबॉक) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक अधिकारी विभिन्न मांगों के समर्थन व सरकार की बैंक विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल पर रहे. इस कारण प्रदेश के सार्वजनिक बैंकों की 6844 शाखाओं पर ताले लटके रहे. एक दिवसीय हड़ताल की वजह से 8000-10000 करोड़ की बैंकिंग लेन-देन पर असर पड़ा. लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में छिटपुट बैंक शाखाएं खुली रहीं. अधिकांश निजी बैंकों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुआ.
ऑयबॉक और स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया आैर कहा कि हड़ताल की वजह से 8000-10000 करोड़ सेे अधिक का लेन-देन बाधित हुआ. हड़ताल का नैतिक समर्थन नेशनल फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लाइज (एससीबीआइ) ने किया.
सरकार और आइबीए के खिलाफ नारेबाजी
हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैंक अधिकारी नौ बजे से पहले ही बैंकों के मुख्यालय और शाखाओं पर जमा होने लगे थे. हड़ताल में शामिल अधिकारियों ने सरकार और आइबीए के खिलाफ नारेबाजी की. हड़ताली देर शाम तक मुख्यालय और बैंक शाखाओं के गेट पर बैठे रहे.
हड़ताल में बिहार व झारखंड के लगभग 15 हजार बैंक अधिकारियों ने भाग लिया. हड़ताली बैंक अधिकारियों को ऑयबॉक के राष्ट्रीय चेयरमैन सुनील कुमार ने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जायेगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा.
निजी बैंकों में कामकाज
निजी बैंकों ने आज के बैंक हड़ताल से अपने-आप को अलग रखा. शहर के अधिकांश निजी बैंकों की शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रही. हड़तालियों ने इन बैंकों को बंद करने का दबाव डाला, तो कुछ देर शटर गिरा दिये गये. लेकिन, हड़तालियों के जाने के बाद ग्राहकों के लिए शटर को उठा दिया गया.
शाखाओं से लगी एटीएम में लटके रहे ताले
जिन बैंकों की एटीएम सेंटर का संचालन बैंक की शाखाओं से होता है. वे एटीएम सेंटर आज नहीं खुले. इससे लोगों को निजी बैंकों की एटीएम से कैश निकालना पड़ा. इस बीच स्टेट बैंक की कई एटीएम देर शाम होते-होते खाली हो गये.
गांधी मैदान स्थित मुख्य शाखा परिसर में लगी आठ एटीएम मशीनों में से चार मशीनें खाली हो गयी. जबकि, बैंक ने दावा किया था कि गुरुवार देर शाम तक एटीएम को फुल कर दिया गया है.
मुख्य मांगें
11वीं वेतन समझौता लागू करें
चार्टर के न्यूनतम वेतन
नयी पेंशन स्कीम को समाप्त करना
पेंशन अद्यतन पुनरीक्षण
पारिवारिक पेंशन में सुधार
बैंक के विलय का विरोध
बैंक अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करना
लेकिन, पांच दिन बैंक की बंद की सूचना मिलने के बाद लोगों ने बिना जरूरत भी कैश निकाले. हड़ताल के बावजूद क्लियरेंस हाउस में पहले से आये चेक क्लियरेंस का काम हुआ.
हड़ताल में ये हुए शामिल
उमाकांत सिंह, अमरेश विक्रमादित्य, विजय कुमार, अनिल यादव, शिवाधर लाल, अर्जित बोस, रीतेश कुमार (स्टेट बैंक), प्रियरंजन कुमार (यूनियन बैंक), सुनील कुमार (इलाहाबाद बैंक), दिलीप कुमार (देना बैंक), मुकेश कुमार (यूको बैंक), सुनील कुमार (पीएनबी), सुधीर कुमार झा (सेंट्रल बैंक), सुनील कुमार (केनरा बैंक), साकेत कुमार (विजया बैंक), प्रेम निवास चंदन (सिंडिकेट बैंक), ब्रिज लाला प्रसाद (इंडियन ओवरसीज बैंक), राजेश पांडेय, गणेश पांडेय, एचएन अग्रवाल (बैंक ऑफ इंडिया) आदि मुख्य रूप से शामिल रहे.
शाम होते कई एटीएम खाली
पटना : बैंक हड़ताल की वजह से कैश के लिए परेशान आम लोगों का सहारा एटीएम बनी. लोगों ने सार्वजनिक व निजी बैंकों की एटीएम से कैश की निकासी की. वैसे बैंक प्रबंधकों ने भी दावा किया था कि हड़ताल के दौरान लोगों को कैश के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.
हालांकि ऐसा हुआ नहीं. पांच दिन बैंक बंद रहने की सूचना को लेकर लोगों ने जरूरत से अधिक निकासी की. इस कारण देर शाम होते-होते कई एटीएम खाली हो गये. एेसी स्थिति में लोगों को निजी बैंकों की एटीएम से नकद निकालना पड़ा.
…पटना जिले में सार्वजनिक और निजी बैंकों की 1491 एटीएम लगी हैं. इनमें अकेले स्टेट बैंक की 320 एटीएम संचालित हैं.
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