पटना : दवाओं की कमी दूर करने को एक सप्ताह का दिया समय
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है. एक सप्ताह के अंदर अगर दवाओं की कमियां दूर नहीं हुई, तो जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार करेंगे या फिर हड़ताल पर चले जायेंगे. दवाओं की किल्लत को लेकर बुधवार को पीएमसीएच के अधीक्षक व जेडीए की […]
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पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है. एक सप्ताह के अंदर अगर दवाओं की कमियां दूर नहीं हुई, तो जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार करेंगे या फिर हड़ताल पर चले जायेंगे. दवाओं की किल्लत को लेकर बुधवार को पीएमसीएच के अधीक्षक व जेडीए की संयुक्त बैठक आयोजित की गयी. जेडीए के अध्यक्ष डॉ शंकर भारतीय की देखरेख में आयोजित इस बैठक में डॉक्टरों ने पीएमसीएच प्रशासन को दवाओं की लिस्ट सौंपी और एक सप्ताह के अंदर सभी दवाओं को उपलब्ध कराने की मांग की.
पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में दवाओं की किल्लत व मरीजों के साथ होने वाली परेशानियों को देखते हुए जूनियर डॉक्टरों ने पीएमसीएच व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को जूनियर डॉक्टर काफी आक्रोशित दिखे. डॉक्टरों का एक पक्ष आंदोलन की तैयारी कर रहा था. तो दूसरा पक्ष बैठक के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कह रहा था.
…इतना ही नहीं आक्रोशित हुए जूनियर डॉक्टर पीएमसीएच अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने की तैयारी में जुटे थे लेकिन दूसरे पक्ष ने समझा कर बाकी जूनियर डॉक्टरों को शांत कराया. वहीं बंद कमरे में करीब एक घंटा चली बैठक के बाद जूनियर डॉक्टर शांत हुए.
क्या कहता है जेडीए
जूनियर डॉक्टरों व पीएमसीएच के अधीक्षक सहित सभी विभाग के विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में हम लोगों ने दवाओं की कमी सहित जो दवाएं खत्म हैं उनकी लिस्ट सौंपी. साथ ही दवा उपलब्ध कराने के लिए हम लोगों ने एक सप्ताह का समय दिया गया है. निर्धारित समय के अंदर दवाएं उपलब्ध नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.
डॉ शंकर भारती, अध्यक्ष पीएमसीएच जेडीए.
क्या कहते हैं अधीक्षक
जूनियर डॉक्टरों की मांग सही है. हमने ग्लब्स आदि कुछ दवाएं उपलब्ध करायी हैं. वहीं जो दवाएं इमरजेंसी वार्ड व ओटी में नहीं हैं उसको भी बहुत जल्द उपलब्ध करा दिये जायेंगे. लोकल परचेज पर भी दवाएं खरीदी जा रही हैं.
डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक पीएमसीएच.
इन दवाओं की है कमी
अस्पताल में बैंडेज, रूई, धागा, ग्लव्स, आईवी सेट नहीं है. इसके अलावा स्लाइन, डायलोमा, कफ सिरप आदि ऑपरेशन के छोटे-छोटे आइटम भी नहीं हैं. इसी तरह ट्रमाडॉल, पांच एमएल के सीरिंज को छोड़कर बाकी के सीरिंज उपलब्ध नहीं है. सबसे अधिक परेशानी ओटी और इमरजेंसी वार्ड में हैं. कई एंटीबायोटिक व जरूरत की दवाएं भी खत्म हो गयी हैं.
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