विभागों ने खाली पदों का ब्योरा नहीं भेजा, कैसे हो नियुक्ति
Updated at : 10 Nov 2018 3:27 AM (IST)
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पटना : प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में तमाम पद रिक्त पड़े हैं. इसको लेकर समय-समय पर सवाल भी खड़े किये जाते हैं. समय के साथ काम तो बढ़ा है, लेकिन स्टाफ की संख्या लगातार कम हो रही है. इसको लेकर कर्मचारी संगठनों में भी असंतोष रहता है. ऐसी बातों को ध्यान में रखते हुए […]
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पटना : प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में तमाम पद रिक्त पड़े हैं. इसको लेकर समय-समय पर सवाल भी खड़े किये जाते हैं. समय के साथ काम तो बढ़ा है, लेकिन स्टाफ की संख्या लगातार कम हो रही है. इसको लेकर कर्मचारी संगठनों में भी असंतोष रहता है. ऐसी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खाली पड़े पदों को भरने का निर्णय लिया.
इसके लिए तृतीय स्नातक स्तरीय पदों को भरने से पहले कुछ प्रक्रियाएं पूरी करने की कवायद अगस्त में ही शुरू हुई. सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों, सचिवों को पत्र लिखकर खाली पड़े पदों का ब्योरा मांगा था. हास्यास्पद यह है कि अगस्त में यह पत्र भेजा गया था. नवंबर आ गया. कई विभाग अब भी ऐसे हैं, जिन्होंने ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है. जाहिर है, इसका सीधा असर पदों को भरने की प्रक्रिया पर पड़ेगा.
सामान्य प्रशासन विभाग ने फिर लिखा पत्र
अगस्त में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखा था. स्पष्ट किया था कि बिहार सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े स्नातक स्तरीय एवं इंटर स्तरीय पदों पर नियुक्ति के लिए त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया है. इसके तहत नियुक्ति संबंधी अधियाचना सामान्य प्रशासन विभागों को उपलब्ध कराने की गुजारिश की गयी थी. इसके बावजूद तमाम विभागों ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली है.
अब एक बार फिर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों, सचिवों को पत्र लिखा है. बाकायदा इस पत्र में 23 अगस्त 2018 को लिखे गये पत्र का हवाला भी दिया गया है. तृतीय स्नातक स्तरीय पदों से संबंधित रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग ने तय प्रारूप में मांगा है. विभाग के अवर सचिव शिव महादेव प्रसाद ने कहा है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग को नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजनी है.
इसलिए रोस्टर क्लियरेंस की प्रति एवं संबंधित पदों के नियमावली संलग्न कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.
अब भी नियुक्ति के इंतजार में हैं खिलाड़ी
पटना : खेल कोटे से सरकारी नौकरी का सपना देख रहे 100 खिलाड़ियों की आंखें अब पथरा गयी हैं. उन्होंने नौकरी की उम्मीद तक छोड़ दी है. दरअसल, वर्ष 2014 में खेल कोटे से बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब तक पूरी नहीं हो पायी है. अब वर्ष 2018 भी अलविदा कहने को तैयार है. परंतु खिलाड़ियों की बहाली को लेकर अधिकारी अब भी फाइलों में उलझे हैं. विभिन्न पदों के लिए कुल 258 पदों के लिए करीब डेढ़ हजार आवेदन आये थे. स्क्रूटनी के बाद 100 खिलाड़ी ही इन पदों के लिए योग्य पाये गये थे.
सचिवालय के चक्कर काट रहे खिलाड़ी
पिछले पांच साल से खेल कोटे से सरकारी कार्यालयों में होने वाली 258 पदों पर नियुक्ति की चल रही प्रक्रिया फाइलों में हांफ रही है. राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सभी नियुक्ति में खिलाडियों के लिए पद रिजर्व करने की घोषणा की थी. जानकारी के अनुसार, 2014 में 258 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू भी की गयी, पर आज तक बहाली की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. बहाली की आस लिये नेशनल स्तर के अवार्ड और शील्ड लिये खिलाड़ी सचिवालय का चक्कर लगा रहे हैं.
कुल पद
कला संस्कृति विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को सारे दस्तावेज भेज दिये हैं. यहां से सूची भी चली गयी है. सबकुछ सामान्य प्रशासन विभाग को करना है. विभाग के स्तर पर प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. जल्द ही खिलाड़ियों की बहाली कर ली जायेगी. कृष्ण कुमार ऋषि, मंत्री
इन पदों पर खेल कोटे से होनी है बहाली
क्लर्क ग्रेड
चतुर्थ वर्गीय कर्मी के पद
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