पटना : नल जल योजना में अब ठेकेदार चाहकर भी नहीं प्रयोग कर पायेंगे खराब सामान

Published at :11 Oct 2018 8:20 AM (IST)
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पटना : नल जल योजना में अब ठेकेदार चाहकर भी नहीं प्रयोग कर पायेंगे खराब सामान

विभाग में सूचीबद्ध कंपनियों से ही खरीदना होगा इसके लिए सामान पटना : पंचायत स्तर पर चलने वाली हर घर नल का जल योजना में खराब क्वालिटी के सामानों के उपयोग के बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं. इस वजह से कई स्थानों पर योजना शुरू होते ही पाइप फट जा रहे हैं, […]

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विभाग में सूचीबद्ध कंपनियों से ही खरीदना होगा इसके लिए सामान
पटना : पंचायत स्तर पर चलने वाली हर घर नल का जल योजना में खराब क्वालिटी के सामानों के उपयोग के बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं.
इस वजह से कई स्थानों पर योजना शुरू होते ही पाइप फट जा रहे हैं, तो नल खराब हो जा रहे हैं. इससे कई स्थानों पर यह बंद होने की कगार पर पहुंच गया है. पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों की देखरेख में पूरी योजना का संचालन होता है. ऐसे में इस तरह की व्यापक गड़बड़ी में ठेकेदारों के साथ कई स्थानों पर इनकी मिलीभगत भी साफ तौर पर उजागर हुई है.
पंचायती राज विभाग ने इस योजना को दुरुस्त करने के लिए व्यवस्था की है, जिसमें चाहकर भी ठेकेदार खराब क्वालिटी का सामान नहीं प्रयोग कर पायेंगे. विभाग ने सभी पंचायतों में यह अनिवार्य कर दिया है कि वे विभाग में सूचीबद्ध कंपनियों से ही सामानों की खरीद करें. बाहर से सामान की खरीद करने पर बिल का भुगतान ही नहीं होगा और न ही संबंधित योजना में बची हुई राशि ही आवंटित की जायेगी.
सिर्फ साढ़े छह हजार वार्डों में ही योजना पूरी, 500 से ज्यादा शिकायतें
राज्य की आठ हजार 432 पंचायतों में करीब 76 हजार वार्ड हैं, जिसमें महज छह हजार 592 में ही हर घर नल का जल योजना पूर्ण हो पायी है. योजना की गति बेहद धीमी होने का मुख्य कारण इसमें बड़ी संख्या में आ रही शिकायतें और खराब क्वालिटी के सामान का लगना भी है. अब तक विभाग में खराब सामानों के प्रयोग की 500 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं. इसमें सबसे ज्यादा शिकायतें खराब क्वालिटी या स्थानीय कंपनियों में तैयार किये सामान के प्रयोग की हैं.
इन सभी शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर जांच चल रही है. कुछ समय पहले पंचायती राज विभाग ने पटना सिटी और मुजफ्फरपुर में मौजूद ऐसी कई अवैध पाइप फैक्ट्री पर छापेमारी भी करवायी थी, जिनमें तैयार सामान का प्रयोग योजना में किये जाते हैं. करीब एक दर्जन अवैध फैक्ट्री को सील कर मुकदमा भी दर्ज किया गया था. कई फैक्ट्रियों से ब्रांडेड कंपनी के नकली सील समेत अन्य सामान बरामद हुए थे. परंतु इसके बाद भी चोरी-छिपे ऐसे सामानों का उत्पादन और प्रयोग का सिलसिला जारी है. इससे छुटकारा पाने के लिए विभाग ने यह कवायद की है.
विभागीय वेबसाइट पर निबंधित होने का िनर्देश
विभाग ने हाल में उन सभी मान्यता प्राप्त कंपनियों और उनके अधिकृत डिलरों से विभागीय वेबसाइट पर निबंधित होने की बात कही थी, जो ‘हर घर नल का जल’ योजना में किसी तरह के सामान मसलन पाइप, नल, मोटर समेत अन्य की सप्लाई करना चाहते हैं. अब तक विभाग में 400 से ज्यादा कंपनी और डीलरों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है.
इससे प्रत्येक जिले में पर्याप्त संख्या में डीलर की संख्या हो गयी है. सिर्फ इन्हीं सूचीबद्ध कंपनियों से ही समान की खरीद की जायेगी. इससे संबंधित आदेश सभी जिलों और पंचायतों को जारी कर दिया गया है.
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