पटना : मनरेगा में केंद्र भी अनुसरण कर रहा बिहार का : श्रवण

Updated at : 15 Sep 2018 5:47 AM (IST)
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पटना : मनरेगा में केंद्र भी अनुसरण कर रहा बिहार का : श्रवण

जल संचय, पौधारोपण समेत कई कार्यक्रमों को केंद्र सरकार ने भी मनरेगा में किया समाहित पटना : ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि मनरेगा के मामले में केंद्र सरकार भी राज्य का अनुसरण कर रही है. राज्य सरकार ने जल संचय, पौधरोपण, निजी जमीन पर तलाब खुदाई या पौधरोपण समेत अन्य कई […]

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जल संचय, पौधारोपण समेत कई कार्यक्रमों को केंद्र सरकार ने भी मनरेगा में किया समाहित
पटना : ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि मनरेगा के मामले में केंद्र सरकार भी राज्य का अनुसरण कर रही है. राज्य सरकार ने जल संचय, पौधरोपण, निजी जमीन पर तलाब खुदाई या पौधरोपण समेत अन्य कई योजनाओं को मनरेगा में शामिल किया है.
राज्य की इस पहल की केंद्र ने सराहना करते हुए इसे मनरेगा में शामिल कर लिया है. इस तरह के अन्य कई कार्य हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने अपनी योजना में शामिल किया है. मंत्री शुक्रवार को मनरेगा योजना पर बापू सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि बिहार में मनरेगा में कई सराहनीय कार्य हो रहे हैं. इसी वजह से हाल में जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड की धरनई पंचायत को पुरस्कार भी मिला है. मनरेगा में बेहतर कार्य करने के लिए यह पुरस्कार मिलना बेहद गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि इस तरह के बेहतरीन कार्य का श्रेय विभागीय पदाधिकारियों को भी जाता है. वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं.
पदाधिकारियों के बेहतर सहयोग के कारण ही बेहतर कार्य हो रहे हैं. मंत्री ने कहा कि यह विभाग गांव और गांव की तरक्की से जुड़ा विभाग है.
लोगों को काफी भरोसा है इस विभाग पर. ऐसे में सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही ज्यादा बढ़ जाती है कि वे आम लोगों को निराश नहीं करें. इस विभाग की सभी योजनाएं गरीबों से जुड़ी हुई हैं. कुछ अच्छे काम की चर्चा होती है, तो कुछ कार्यों के कारण शिकायत भी होती है. इन कमियों को दूर करने की जरूरत है.
कार्यशाला के दौरान मनरेगा से जुड़े कई आयामों पर प्रस्तुतीकरण देते हुए इनकी गहन समीक्षा भी की गयी. इस दौरान यह बात सामने आयी कि मनरेगा मजदूरों के बैंक खातों को आधार से जोड़ने का सिलसिला काफी धीमा है.
अब तक 53.23 प्रतिशत बैंक खाते ही सीडिंग या जुड़ पाये हैं. इसकी रफ्तार तेज करने और जल्द से जल्द सभी खातों को आधार से जोड़ने के लिए कहा गया. एक अन्य प्रमुख मुद्दा सामने आया, वह है मनरेगा में समय पर पेमेंट नहीं करने का मामला.
राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रतिशत करीब 95 फीसदी है. जबकि, राज्य में यह औसत 86 फीसदी ही है. किसी मजदूर को 15 दिनों के अंदर उनके बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करने में कई जिले काफी सुस्त हैं. इनमें शिवहर, शेखपुरा, कैमूर, अरवल और पूर्वी चंपारण प्रमुख हैं.
कई जिलों में यह देखने को मिला कि उसके कुछ प्रखंड में पेमेंट करने की स्थिति अच्छी है, तो कुछ में बेहद ही खराब है. जमुई का लक्ष्मीपुर, किशनगंज का टेहरागाछी, मधुबनी का लौकाहा, नवादा का अकबरपुर, गोपालगंज का मांझी और पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा प्रखंड में पेमेंट की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है.
यहां 25 फीसदी से भी कम पैसे का भुगतान हुआ है. इस स्थिति को सुधारने के लिए कहा गया. इस दौरान विभागीय सचिव अरविंद चौधरी, संयुक्त सचिव कंवल तनुज, पीसी खंडूजा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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