सुप्रीम कोर्ट ने बदला हाईकोर्ट का आदेश, शरद यादव सांसद के रूप में नहीं ले सकते वेतन भत्ते
Updated at : 08 Jun 2018 8:14 AM (IST)
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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव बतौर सांसद उन्हें मिलने वाले वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाएं नही ले सकते, लेकिन वह सरकारी बंगले में रह सकते हैं. शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा चुका है, जिसे उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में […]
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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव बतौर सांसद उन्हें मिलने वाले वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाएं नही ले सकते, लेकिन वह सरकारी बंगले में रह सकते हैं.
शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा चुका है, जिसे उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है. शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के पिछले साल 15 दिसंबर के आदेश में संशोधन कर दिया है. इसी आदेश में शरद यादव को उनकी याचिका लंबित रहने के दौरान वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाएं प्राप्त करने और सरकारी बंगले में रहने की अनुमति दी थी.
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने अपने आदेश में शरद यादव को हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार सरकारी बंगले में रहने की अनुमति दे दी है. शीर्ष अदालत ने राज्यसभा में जदयू के सांसद रामचंद्र प्रकाश सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया. सिंह ने हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी.
इस पर 18 मई को शीर्ष अदालत सुनवाई के लिए तैयार हो गयी थी और उसने शरद यादव को नोटिस जारी किया था. सिंह ने उन्हें अयोग्य करार देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी के निर्देश का उल्लंघन करते हुए पटना में विपक्षी दलों की सभा में शिरकत की.
इस मामले में गुरुवार को सुनवाई शुरू होते ही शरद यादव के वकील ने कहा कि वह अपना वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं छोड़ने के लिए तैयार है, परंतु उन्हें हाइकोर्ट में लंबित याचिका का निबटारा होने तक सरकारी बंगले में रहने दिया जाये. पीठ ने यादव के वकील से सवाल किया कि राज्यसभा के सभापति द्वारा उन्हें अयोग्य घोषित किये जाने के बाद हाइकोर्ट कैसे उन्हें वेतन और भत्तों के भुगतान का निर्देश दे सकता है.
हम वेतन और भत्ते के भुगतान करने संबंधी हाइकोर्ट के निर्देश में संशोधन कर रहे हैं. जहां तक सरकारी बंगले का सवाल है, तो हम उसे बिंदु पर कुछ नहीं कह रहे हैं और वह अपनी याचिका लंबित होने के दौरान इसमें रह सकते हैं.
याचिका पर जुलाई में सुनवाई करे हाईकोर्ट
जदयू सांसद रामचंद्र प्रकाश सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश संशोधित किया जाना चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट उन्हें वेतन भत्ते का भुगतान करने और नयी दिल्ली में सरकारी आवास में रहने का निर्देश नहीं दे सकता, क्योंकि उन्हें पिछले साल चार दिसंबर को राज्य सभा के सभापति ने अयोग्य घोषित कर दिया है.
पीठ ने निर्देश दिया कि हाइकोर्ट की खंडपीठ याचिका पर जुलाई में सुनवाई करे और इस मामले का यथाशीघ्र फैसला करे. हाइकोर्ट ने 15 दिसंबर, 2017 के अपने आदेश में शरद यादव को राज्यसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किये जाने पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
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