मौसम की मार से खेतों में डूब गयी गेहूं की फसल

Edited by BABLU KUMAR
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Nawada news. जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने नयी मुसीबत खड़ी कर दी है. गुरुवार को पूरे जिले में हुई बारिश ने गेहूं की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है.

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बरतें सावधानी. कृषि वैज्ञानिकों ने कहा-आज भी हो सकती है बारिश

10 से 15 मिलीलीटर बारिश होने का अनुमानकैप्शन -पानी में डूबी गेहूं की फसल. – शहर के मेन रोड पर हुआ जलजमाव.

प्रतिनिधि, नवादा नगरजिले में बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने नयी मुसीबत खड़ी कर दी है. गुरुवार को पूरे जिले में हुई बारिश ने गेहूं की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. एक तरफ किसान खेतों में जहां गेहूं काटने में लगे हुए थे, तो कहीं गेहूं की थ्रेसिंग कर रहे थे कि अचानक मौसम ने करवट बदली और झमाझम बारिश की शुरुआत हो गयी. बेमौसम बारिश के होते ही किसान झटपट अपनी फसलों को तिरपाल से ढककर बचाते दिखे. खेतों के अलावा खलिहान में रखी गयी गेहूं की फसलों के बर्बाद होने की जानकारी सामने आ रही है. गुरुवार को हुई हल्की बारिश से किसानों को आर्थिक तौर पर भी काफी नुकसान हुआ है. खेतों में बारिश का पानी भर गया है. कई जगहों पर कटी हुई गेहूं की फसल पानी में डूब गयी. स्थानीय किसानों के अनुसार, खेत में काटी गयी फसल पड़ी थी. इसमें से भूसा अभी निकाला जाना बाकी था. पानी में डूबने से गेहूं के दाने खराब होने का खतरा है. भूसे का रंग भी बदल जायेगा.प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि वे गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है. अधिकतर खेतों में फसल कट चुकी थी और भूसा भी खेतों में ही रखा गया था. किसान दिन-रात मेहनत कर फसल को घर पहुंचाने की तैयारी में जुटे थे, लेकिन अचानक आसमान में छाये बादलों और वज्रपात के साथ हुई तेज बारिश ने सारी उम्मीदों को तोड़ दिया. किसानो ने बताया कि बारिश से न सिर्फ फसल भीग गयी है, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है. अब फसल को थ्रेशर से कतरना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि गेहूं पूरी तरह से गीला हो चुका है. वहीं, भूसा भी भीग गया है. इससे उसका उपयोग तत्काल नहीं हो सकेगा. स्थानीय किसानों ने प्रशासन से सहायता की मांग की है. उनका कहना है कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली, तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा. इस समय जब किसान अपनी मेहनत का फल काटने की उम्मीद में थे, तब मौसम की मार ने उन्हें निराश कर दिया है. अब फसल सूखने और दोबारा प्रक्रिया में आने में कई दिन लग सकते हैं. इससे आगे की खेती भी प्रभावित होगी.

शहर में जमा हुआ पानी

नगर पर्षद क्षेत्र में भी मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. शहर के मेन रोड में सब्जी बाजार के पास बारिश से सड़क पर पानी जमा हो गया और यही हालात नवादा-जमुई पथ कोनिया पर का है. यहां भी सड़क पर भारी पानी का जमाव हो गया है. इससे कौआकोल, पकरीबरावां, सिकंदरा, जमुई इत्यादि जगहों पर जाने वाले यात्रियों को और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मौसम वैज्ञानिकों ने कहा-चलेगी तेज हवा

मौसम कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रौशन कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान जिले में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ बारिश होने की संभावना है. गुरुवार को 10 से 15 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. इन्होंने मौसम को लेकर चेतावनी भी जारी किया है. कहा कि वज्रपात से जान माल एवं पशु-हानि की संभावना है. आंधी, वज्रपात या ओलावृष्टि से खड़ी फसलों और फलदार पेड़ों, झुग्गी-झोंपड़ी, टिन की छतों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है.

क्या करें और क्या न करें

-बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने पर किसानों और आमलोगों को पक्के घर में शरण लेने की सलाह दी गयी है.

-पेड़ों के नीचे और विशेष रूप से अलग-थलग पेड़ों के नीचे शरण ना लें, क्योंकि यह विद्युत के सुचालक होते हैं.

-अगले 12 अप्रैल तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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