सकरी नदी पर 54.83 करोड़ का 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण, नवादा समेत दर्जनों गांव के लोगों को मिलेगा लाभ; 21 पिलर में 16 तैयार
सकरी नदी पर पुल का होता निर्माण
नवादा में सकरी नदी पर 54.83 करोड़ की लागत से 600 मीटर लंबा पुल बन रहा है, जो गोविंदपुर और सरकंडा पंचायत को जोड़ेगा। इस पुल से दर्जनभर गांवों के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच में आसानी होगी।
Nawada Sakri River Bridge : नवादा के गोविंदपुर पंचायत और सरकंडा पंचायत के बीच सकरी नदी के महावरा घाट पर पुल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. करीब 54 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई लगभग 600 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी. पुल में कुल 21 पिलर बनाए जाने हैं. झारखंड के देवघर की हरदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से इसका निर्माण कराया जा रहा है.
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निर्माण कार्य में लगे मुंशी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक 16 पिलर खड़े किए जा चुके हैं. वहीं, 17वें पिलर की ड्रिलिंग का काम भी पूरा हो चुका है. पिलर निर्माण का काम पूरा होने के बाद अन्य निर्माण कार्य के साथ गर्डर लगाने का काम भी तेजी से शुरू किया जाएगा. बचे हुए पिलर का निर्माण जल्द पूरा करने की तैयारी है.
गोविंदपुर बाजार तक बनेगा संपर्क पथ
पुल निर्माण के साथ गोविंदपुर बाजार की ओर जाने के लिए संपर्क पथ भी बनाया जाएगा. संपर्क पथ की चौड़ाई करीब 5.5 मीटर यानी लगभग 18 फीट होगी. पुल और संपर्क पथ का काम पूरा होने के बाद गोविंदपुर और सरकंडा पंचायत के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा.
इस पुल का लाभ सरकंडा, महावरा, पिपरा, देल्हुआ, शेखोपुर समेत रोह प्रखंड के कई गांवों के लोगों को मिलेगा. पुल बनने के बाद इन इलाकों के लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी. साथ ही झारखंड की सीमा तक पहुंचने में लगने वाली दूरी भी कम हो जाएगी.
पुलिस और एंबुलेंस की आवाजाही होगी आसान
गोविंदपुर थाना क्षेत्र में कुल पांच पंचायतें हैं. इनमें सरकंडा और डुमरी पंचायत सकरी नदी के दूसरी ओर स्थित हैं. नदी पर पुल नहीं होने के कारण किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को नदी पार कर मौके तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है.
कई बार नदी की रेत में पुलिस वाहन फंस जाते हैं, जिससे घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग जाता है. वहीं, गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस को भी नदी पार करने में परेशानी होती है.
पुल के निर्माण के बाद पुलिस, एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की पहुंच नदी के पार बसे गांवों तक आसान और तेज होने की उम्मीद है.
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा फायदा
पुल बनने से सिर्फ आवागमन की सुविधा ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है. पुल बनने के बाद टेंपो और ई-रिक्शा का परिचालन शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी. वहीं, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम होगा. इससे क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है.
प्रगति यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने किया था निरीक्षण
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के दौरान 10 फरवरी 2025 को सकरी नदी के महावरा घाट पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद पुल निर्माण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी और इसके निर्माण की अनुमति प्रदान की गई.
इसके बाद पुल निर्माण का काम शुरू हुआ. पुल का निर्माण पूरा होने के बाद लंबे समय से सकरी नदी के कारण अलग-थलग पड़े दोनों पंचायतों के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित होगा. साथ ही आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए आवागमन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच भी आसान होने की उम्मीद है.
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