नवादा: शहर में मच्छरों का बढ़ता आतंक, नगर परिषद के फॉगिंग के दावों पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

Author Bablu kumar|Edited by Vikash Jha
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फॉगिंग करती नप कर्मी | Prabhat Khabar Network

नवादा शहर में मच्छरों का आतंक चरम पर है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोग जलजमाव और गंदगी को मुख्य वजह बता रहे हैं, जबकि नगर परिषद के फॉगिंग अभियानों पर सवाल उठ रहे हैं. जानिए पूरी खबर.

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Nawada News: नवादा शहर में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप चरम पर पहुंच गया है. हालात ऐसे हैं कि दिन हो या रात, शहरवासी मच्छरों के आतंक से परेशान हैं. शाम ढलते ही शुरू होने वाली यह समस्या अब दिन में भी लोगों को सताने लगी है. मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका से शहरवासियों में डर और चिंता का माहौल है.

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जलजमाव और गंदगी बनी मुख्य वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मोहल्लों में नालियों की नियमित सफाई न होना, बारिश के बाद जगह-जगह जलजमाव और मौसम में बदलाव मच्छरों के पनपने की मुख्य वजह है. बच्चों, बुजुर्गों और घर के बीमार सदस्यों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

फॉगिंग के दावों पर उठे सवाल, लोगों ने बयां किया दर्द

नगर परिषद का दावा है कि शहर के सभी 44 वार्डों में मुख्य सड़कों से लेकर संकरी गलियों तक छोटी-बड़ी मशीनों से फॉगिंग और एंटी-लार्वा केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है. हालांकि, धरातल पर कई वार्डों के निवासियों का आरोप है कि फॉगिंग केवल कागजों या कुछ मुख्य रास्तों तक ही सीमित है.

  • वार्ड 24 के संतोष कुमार ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनके इलाके में फॉगिंग नहीं की जा रही है.
  • वार्ड 22 की सुनीता देवी ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं और हर वक्त डेंगू-मलेरिया का डर बना रहता है.

नगर परिषद ने अभियान तेज करने की बात कही

मामले पर नगर परिषद के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी समीर चौधरी ने बताया कि सभी 44 वार्डों में फॉगिंग और सफाई अभियान को और गति दी गई है. प्रत्येक वार्ड में सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है और एंटी-लार्वा केमिकल का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द मच्छरों पर नियंत्रण पाया जा सके.

डॉक्टरों की सलाह: बरतें सावधानी

जनरल फिजिशियन डॉ. रवीन कुमार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और बुखार या अस्वस्थ महसूस होने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी डॉक्टर से जांच कराएं.

शहर में मच्छरों का बढ़ता प्रकोप अब जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की दरकार है.


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