आरएमडब्ल्यू कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया नारद संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण, विरासत पर्यटन की सीखी बारीकियां

Updated:
विज्ञापन

भ्रमण करते विद्यार्थी | Prabhat Khabar Network

Nawada News : आरएमडब्ल्यू कॉलेज के छात्रों ने नारद संग्रहालय का भ्रमण कर बौद्ध विरासत, हेरिटेज टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के व्यावहारिक पहलुओं को विस्तार से समझा.

विज्ञापन

Nawada News : पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के क्षेत्र में इंटर्नशिप कर रहे आरएमडब्ल्यू कॉलेज के विद्यार्थियों ने शनिवार को नारद संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया. इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, विशेष रूप से बौद्ध विरासत से परिचित कराना तथा हेरिटेज टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के व्यावहारिक पक्षों की जानकारी देना था.

आपके शहर में

विज्ञापन

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नारद संग्रहालय में संरक्षित विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों, पुरातात्त्विक अवशेषों तथा प्राचीन कलाकृतियों का गहन अवलोकन किया. उन्हें इन धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा पर्यटन के विकास में संग्रहालयों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी.

संग्रहालय प्रबंधन और पर्यटक सुविधाओं की मिली जानकारी

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं के संरक्षण का केंद्र नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सभ्यता के अध्ययन एवं प्रसार के महत्वपूर्ण संस्थान भी हैं. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संग्रहालय प्रबंधन, विरासत संरक्षण, पर्यटक प्रबंधन तथा हॉस्पिटैलिटी सेवाओं के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया.

उन्हें बताया गया कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, सही जानकारी, सुरक्षा और सकारात्मक अनुभव प्रदान करना पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

बौद्ध विरासत और पर्यटन की संभावनाओं को समझा

विशेष रूप से बौद्ध विरासत के संदर्भ में विद्यार्थियों को भारत के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व तथा बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों की पर्यटन की दृष्टि से उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गयी. बिहार सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित बौद्ध विरासत स्थल देशी एवं विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं.

विद्यार्थियों को बताया गया कि ऐसे स्थलों का संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन न केवल सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर भी उत्पन्न करता है.

Also Read : बाढ़ की तैयारी को लेकर बेगूसराय में बैठक, नाव परिचालन और तटबंध मरम्मत की हुई समीक्षा

सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा

शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान से जोड़ते हुए वास्तविक परिस्थितियों में हेरिटेज टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर प्रदान करना था. प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों ने विरासत स्थलों के प्रबंधन और पर्यटकों की आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया.

Also Read : राष्ट्रीय खेल दिवस पर बेगूसराय में खेल प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज, डीएम ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

इंटर्नशिप और शैक्षणिक भ्रमण से कौशल विकास

इस अवसर पर नोडल ऑफिसर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि इंटर्नशिप और शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को विषय के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और भविष्य के रोजगार क्षेत्र के लिए तैयार होने में मदद करते हैं.

विद्यार्थियों ने संग्रहालय भ्रमण को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को देखने से उन्हें विरासत पर्यटन और संग्रहालय प्रबंधन के बारे में बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिला.

Also Read : पूर्व मंत्री रामदेव राय की छठी पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, जनसेवा के योगदान को किया याद


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन