नगर पंचायत पैक्स अध्यक्ष का निर्वाचन रद्द

Updated at : 25 Feb 2017 8:37 AM (IST)
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नगर पंचायत पैक्स अध्यक्ष का निर्वाचन रद्द

माफी निवासी रणजीत कुमार ने दायर की थी याचिका पटना उच्च न्यायालय ने पैक्स अध्यक्ष अनिल सिंह का निर्वाचन अयोग्य ठहराया वारिसलीगंज : कहा जाता है कि सत्य को कोई परेशान कर सकता है, परंतु पराजित नहीं. कुछ ऐसा ही मामला नगर पंचायत के अंतर्गत पैक्स चुनाव को लेकर प्रकाश में आया है. जानकारी के […]

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माफी निवासी रणजीत कुमार ने दायर की थी याचिका
पटना उच्च न्यायालय ने पैक्स अध्यक्ष अनिल सिंह का निर्वाचन अयोग्य ठहराया
वारिसलीगंज : कहा जाता है कि सत्य को कोई परेशान कर सकता है, परंतु पराजित नहीं. कुछ ऐसा ही मामला नगर पंचायत के अंतर्गत पैक्स चुनाव को लेकर प्रकाश में आया है.
जानकारी के अनुसार,संयुक्त निबंधक (पणन)सहयोग समितियां, बिहार पटना न्यायालय ने वादी सह नप स्थित माफी गांव निवासी रणजीत कुमार द्वारा दायर याचिका की 15 जनवरी व 14 फरवरी 2017 को सुनवाई के बाद पैक्स अध्यक्ष अनिल सिंह का निर्वाचन अयोग्य ठहराया गया. वादी रणजीत की याचिका पर न्यायालय संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, मगध प्रमंडल गया से उच्च न्यायालय पटना द्वारा सीडब्ल्युजेसी नंबर -13830/2015 में पारित न्यायालय आदेश 12 फरवरी 2016 के आलोक में पटना स्थानांतरित किया गया था.
इसके बाद विधिवत सुनवाई की गयी. वादी ने नगर पंचायत पैक्स निर्वाचन में प्रतिवादी संख्या एक के निर्वाचन को बिहार सहकारी समिति नियमावली 1959 के नियम- 23 के आलोक में रद्द करने हेतु याचिका दायर किया था. प्रतिवादी अनिल प्रश्नगत समिति के निर्वाचन में नामांकन की तिथि तक केंद्रीय सहकारी बैंक के बकायेदार थे. बावजूद उक्त तिथि को निर्वाचन पदाधिकारी से सांठगांठ कर तथ्य को छुपा कर नामांकन स्वीकृत करा लिया. वादी द्वारा उक्त नामांकन के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गयी. परंतु इस आपत्ति पर कार्रवाई नहीं की गयी.
वादी का आरोप था कि प्रतिवादी मतदाता सूची से कई वैध सदस्यों जो पूर्व के चुनाव में मतदाता थे, वैसे लोग का नाम जानबूझ कर मतदाता सूची से हटा कर निर्वाचन संपन्न कराया गया. कई ऐसे लोग का नाम सूची में जोड़ा गया, जिनका नाम व पता गलत है. न्यायालय को बताया है कि नामांकन की तिथि 23 अगस्त 2012 को निर्धारित थी. बावजूद प्रतिवादी द्वारा वारिसलीगंज शाखा में 25 अगस्त 2012 को 14 हजार 1 सौ 45 रुपये जमा करने की तिथि दर्शाया गया है. इस कारण प्रतिवादी नामांकन की तिथि तक बकायेदार थे.
न्यायालय ने प्रतिवादी को बकायेदार बता कर निर्वाचन हेतु अयोग्य करार देते हुए निर्वाचन को रद्द किया. इस संबंध में संयुक्त निबंधक सहयोग समिति पटना के मुकुल कुमार सिन्हा के कार्यालय द्वारा 16 फरवरी 2017 को पत्रांक द्वारा बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित वादी व प्रतिवादी को सूचना प्रेषित किया है. न्यायालय के इस फैसले से कहीं खुशी,तो कहीं गम का माहौल देखा जा रहा है.
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