बैंकों में 1000 व 500 के नोटों के लग गये ढेर

Updated at : 15 Nov 2016 8:16 AM (IST)
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बैंकों में 1000 व 500 के नोटों के लग गये ढेर

नोटों की कमी से निबंधन व डीटीओ कार्यालय प्रभावित प्रतिदिन हो रही 20 से 25 लाख के राजस्व की क्षति नवादा सदर : भारत सरकार द्वारा पांच सौ व एक हजार का नोट प्रचलन से बाहर किये जाने के बाद नोट बदलने, जमा करने व नये नोट लेने के लिए सभी बैंकों में काफी भीड़ […]

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नोटों की कमी से निबंधन व डीटीओ कार्यालय प्रभावित
प्रतिदिन हो रही 20 से 25 लाख के राजस्व की क्षति
नवादा सदर : भारत सरकार द्वारा पांच सौ व एक हजार का नोट प्रचलन से बाहर किये जाने के बाद नोट बदलने, जमा करने व नये नोट लेने के लिए सभी बैंकों में काफी भीड़ रही. सुरक्षा को लेकर किये गये तमाम प्रयास के बाद भी बैंकों से लेन-देन का कार्य देर शाम तक होता रहा.
सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के साथ ही अन्य दूसरे बैंक की शाखाओं में भी लोगों की भीड़ लगी रही. बैंकों की टेबुल पर 1000 व 500 के नोटों के ढेर लग गये़ उधर, बाजार से पांच सौ व एक हजार का नोट चलन से बाहर होने के बाद जिला निबंधन कार्यालय व परिवहन कार्यालय का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है. दोनों विभागों में काम नहीं होने से सरकार को प्रतिदिन 20 से 25 लाख राजस्व की क्षति हो रही है.
ऑफिस खुले हैं, लेकिन कोई निबंधन कराने नहीं आ रहा है. निबंधन कराने के लिए बैंक चालान जमा करना होता है. बैंकों में नोट जमा करने व पुराने नोट बदलने को लेकर चालान जमा करने का काम नहीं हो रहा है. पुराने नोट जमीन मकान बेचने वाले लोग नहीं ले रहे हैं, जिससे खरीदारों को परेशानी हो रही है. दफ्तरों में भी पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं. यही हालात जिला परिवहन कार्यालय में भी बनी हुई है. छोटे नोट नहीं रहने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस बनाने व वाहनों का पंजीयन कराने वाले लोगों को परेशानी हो रही है.
दफ्तर में बड़े नोट नहीं लिए जा रहे हैं. और दो हजार का नोट इतनी मात्रा में नहीं आया है कि लोग उसका इस्तेमाल कर सकें. कई स्थानों पर छोटे मूल्य का नोट नहीं मिलने के कारण दो हजार के नोट का खुदरा नहीं मिल रहा है. ग्रामीण इलाकों से आनेवाले लोग चाह कर भी भूमि का निबंधन नहीं करा पा रहे हैं. कुछ लोग पहले से चालान जमा कर चुके लोगों का जमीन निबंधन करा चुके हैं. नवादा निबंधन विभाग में प्रतिदिन सरकारी राजस्व के रूप में 15 लाख रुपये प्राप्त होता था. काम ठप होने से 15 लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही है. रजौली स्थित निबंधन कार्यालय में भी प्रतिदिन पांच लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही है. निबंधन नहीं होने से कातिब के पास भी काफी मुश्किल उत्पन्न हो गया है. उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
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