प्रसव के बाद लाभ देने के लिए घूस लेते हैं कर्मचारी

Updated at : 01 Sep 2016 7:32 AM (IST)
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प्रसव के बाद लाभ देने के लिए घूस लेते हैं कर्मचारी

बैंक खाता खुलवाने व पैसे भेजने के नाम पर लिये जाते रुपये नवादा सदर : सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे इसे रोकने का उपाय किया जाता है, यह और भी बढ़ता जा रहा है. सदर अस्पताल में प्रसव उपरांत मिलने वाले मातृत्व व जननी सुरक्षा योजना के रुपये […]

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बैंक खाता खुलवाने व पैसे भेजने के नाम पर लिये जाते रुपये
नवादा सदर : सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे इसे रोकने का उपाय किया जाता है, यह और भी बढ़ता जा रहा है. सदर अस्पताल में प्रसव उपरांत मिलने वाले मातृत्व व जननी सुरक्षा योजना के रुपये में टैक्स के रूप में पैसे लेने की शिकायत कई महिलाओं ने डीएम से की है. ग्रामीण क्षेत्रों से नवादा सदर अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची महिलाओं ने बताया कि प्रसव के बाद मिलने वाले रुपये के लिए सदर अस्पताल में प्रति महिला दो सौ रुपये लिए जाते हैं. महिलाओं ने डीएम को इस संबंध में शिकायत पत्र भेज कर इस तरह की घटना पर रोक लगाने की मांग की है.
बैंक खातों में जाती है प्रसूता लाभ की राशि : सरकार द्वारा बिचौलिये पर रोक लगाने के लिए मातृत्व राशि का भुगतान सीधे प्रसूता के खातों में करने का निर्देश दिया था. इसी के आलोक में प्रसूता महिलाओं को बैंक में खाता खोलने के बाद ही राशि ट्रांसफर किया जाता है, परंतु बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर व राशि ट्रांसफर करने के बदले महिलाओं से दो-दो सौ रुपये वसूल किये जाने का आरोप है. महिलाओं ने कहा कि जब तक पैसे टैक्स के रूप में नहीं दिये जाते हैं, तब तक खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं किये जाते हैं.
क्या हैं वितरण का प्रावधान
सदर अस्पताल में महिलाओं को प्रसूता राशि देने के लिए प्रावधान निर्धारित किया गया है. प्रसव के उपरांत प्रसव से संबंधित कागजात व बैंक खाता का फोटो कॉपी देने पर दो से तीन दिन में नगर पर्षद क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को एक हजार रुपये व ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को 14 सौ रुपये दिये जाने हैं.
प्रसूता महिलाओं के साथ-साथ आशा को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है. पहले चेक मिलने पर उसे कैश कराने में बैंक में महिलाओं की भीड़ लगी रहती थी. अब खातों में ही पैसे ट्रांसफर होने के बाद महिलाओं की भीड़ बैंक में नहीं लगती है. प्रसूता प्रोत्साहन राशि प्रत्येक तीन महीने पर आता है. फिलहाल वित्तीय वर्ष के तीसरे क्वाटर की राशि सितंबर में आयेगी. प्रधान सहायक ने बताया कि इस मद में अभी भी चार लाख से अधिक रुपये शेष हैं.
प्रसव के बाद काफी दिनों तक टहलाने के बाद पैसा ट्रांसफरकिया जाता है. पहले चेक से राशि मिलती थी, तब उसमें भी दो सौ रुपये लिये जाते थे. आज भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है.
रानी देवी, कादिरगंज, नवादा
बैंक खाता अस्पताल के कर्मचारी खुलवाते हैं, तो सभी कागज रहने के बाद भी दो सौ रुपये लिये जाते हैं. पैसे नहीं मिलने पर यह कह कर टरका दिया जाता है कि आपका खाता नहीं खुलेगा. काफी परेशान करने पर पैसा देना ही पड़ता है‍
वीणा देवी, मंझनपुरा, नवादा
बैंक खाता खुले रहने के बाद खाते में पैसा ट्रांसफर करने के नाम पर प्रसूति राशि देनेवाले कर्मी द्वारा पैसा मांगा जाता है. पैसा नहीं देने पर काफी समय तक टहलाया जाता है. कभी-कभी पैसे मिलने में तीन महीने लग जाते हैं.
रूपा कुमारी, सोन सिहारी, नवादा
सदर अस्पताल में यह पुरानी समस्या है. कितना भी शिकायत हो कोई सुनता नहीं है. इसके कारण यह व्यवस्था रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को ज्यादा परेशान किया जाता है.
सोनी कुमारी, शिवदयाल बिगहा, नवादा
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