रमजान को लेकर बाजार में बढ़ी चहल-पहल

Updated at : 06 Jun 2016 5:31 AM (IST)
विज्ञापन
रमजान को लेकर बाजार में बढ़ी चहल-पहल

सजने लगी फलों की दुकानें, खजूर की मांग में आयी तेजी रोजेदारों को खूब भा रहा मिस्वाह का दातुन नवादा (सदर) : पवित्र रमजान का त्योहार मंगलवार से शुरू होने की संभावना है. त्योहार को लेकर बाजार में अभी से ही चहल-पहल तेज हो गयी है. रोजा के दौरान सर्वाधिक पसंद किये जाने वाले खजूर […]

विज्ञापन
सजने लगी फलों की दुकानें, खजूर की मांग में आयी तेजी
रोजेदारों को खूब भा रहा मिस्वाह का दातुन
नवादा (सदर) : पवित्र रमजान का त्योहार मंगलवार से शुरू होने की संभावना है. त्योहार को लेकर बाजार में अभी से ही चहल-पहल तेज हो गयी है. रोजा के दौरान सर्वाधिक पसंद किये जाने वाले खजूर की मांग भी काफी बढ़ गयी है. रोजेदारों द्वारा इफ्तार के दौरान उपयोग किये जाने वाले फलों की बिक्री भी काफी तेज हो गयी है.
पवित्र माह रमजान के दौरान फलों की बिक्री अधिक होने के कारण फलमंडी में फलों की आवक भी तेज हो गयी है. इसलाम धर्म से जुड़े लोगों के घरों में साफ-सफाई का काम भी शुरू हो गया है. नेकी व बरकत के इस महीने में प्राय सभी लोग रोजा रखकर अल्लाह को खुश करने का प्रयास करते हैं
सुबह में सेहरी व शाम में इफ्तार को लेकर अभी से तैयारी भी की जा रही है. बाजार में सेहरी के लिए लच्क्षा व सेवइयां के साथ-साथ इफ्तार के लिए चना दाल, फल व तरावट के लिए रुह आफजा की बिक्री भी काफी हो रही है. फलों के थोक विक्रेता सुनील कुमार कहते हैं कि त्योहार के दिनों में फलों की आवक तेज हो जाती है. लाल चौक, अंसार नगर व भदौनी आदि क्षेत्रों में रमजान को लेकर कई अस्थायी दुकानें खुल गयी है. रोजेदारों द्वारा पूरे एक महीना तक चलने वाले मिस्वाह का दातुन भी काफी पसंद किया जा रहा है. मान्यता के अनुसार, पूरे दिन रोजा रखने के बाद शाम में खजूर से ही रोजा खोला जाता है.
सउदिया से आने वाले आजवां का खजूर काफी पसंद किया जाता है. लोगों का मानना है कि यह खजूर 14 सौ साल पहले मोहम्मद साहेब खाते थे वो आज भी उपलब्ध है.
होती है रहमतों की बारिश : रमजान की महीना सभी महीनों से अफजल व बेहतर है. रमजान के महीने में अल्लाह रहमत की बारिश करते हैं. रमजान के महीने को सब्र का महीना भी कहा गया है.
इस महीने में गरीब रोजेदारों को इफ्तार कराने से रोजा रखने के बराबर सवाब मिलता है. इस महीने बिना किसी कारण के स्वस्थ्य महिला-पुरुष द्वारा रोजा नहीं रखना गुनाह माना जाता है, जबकि रोजा में लाचार व बच्चों को रोजा टूटने पर माफी है. पूरे महीने रोजा रखने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन