पंडाल निर्माण में फायर सेफ्टी का रखें ख्याल

Updated at : 06 Oct 2016 4:06 AM (IST)
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पंडाल निर्माण में फायर सेफ्टी का रखें ख्याल

समितियों को जारी किया सुरक्षा का निर्देश भाईचारे के साथ मनाएं त्योहार: एसपी बिहारशरीफ : दुर्गापूजा के अवसर पर बनाये जा रहे भव्य पंडालों के पूजा समितियों एवं पंडाल निर्माणकर्ता को पंडालों में आग पर नियंत्रण रखने वाले उपकरणों को अवश्य रखने का निर्देश दिया गया है. दुर्गा पूजा एवं मुहर्रम को लेकर पुलिस खास […]

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समितियों को जारी किया सुरक्षा का निर्देश

भाईचारे के साथ मनाएं त्योहार: एसपी
बिहारशरीफ : दुर्गापूजा के अवसर पर बनाये जा रहे भव्य पंडालों के पूजा समितियों एवं पंडाल निर्माणकर्ता को पंडालों में आग पर नियंत्रण रखने वाले उपकरणों को अवश्य रखने का निर्देश दिया गया है. दुर्गा पूजा एवं मुहर्रम को लेकर पुलिस खास एहतियात बरत रही है. पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने जिले के सभी पूजा समितियों एवं पंडाल निर्माण कर्ताओं से शार्ट सर्किट, पटाखों से पंडाल में आग लगने की संभावना को देखते हुए उससे बचाव के उपायों पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया है. एसपी ने कहा कि सभी पूजा समितियों को किये जा रहे पंडाल निर्माण में फायर रिटोरडेंट सॉल्यूशन कपड़े का उपयोग करें.
पंडालों में तीन द्वार बनायें, बिजली के तारों को कपड़े अथवा त्रिपाल के संपर्क में नहीं रखें. उन्होंने पंडालों में फ्यूज सर्किट बेकर लगाने, हवन की व्यवस्था पंडाल से बाहर थोड़ी दूर करने तथा अगरबाी जमीन पर जलाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. पंडालों में चार ड्रम पानी, चार मग, चार बालू से भरी बाल्टी, दो वाटर सीओट्र एवं ड्राई केमिकल पाउडर रखने का भी निर्देश दिया है. एसपी ने कहा है कि पंडालों में अपने नजदीकी फायर ब्रिगेड का मोबाइल नंबर अथवा बेसिक फोन नंबर तीन चार स्थानों पर तख्ती में लिखकर अवश्य टांगें. इस बात को भी ध्यान रखना जरूरी है कि पंडाल के आस पास फटाखा कोई नहीं छोड़े.
पंडालों में उपयोग होने वाले लोड को सात एम्पीयर से अधिक क्षमता का तार नहीं रखें. इसके लिए पंडाल निर्माणकर्ता को अपने नजदीकी विद्युत विभाग के अभियंता से परामर्श करने एवं उससे पंडालों की जांच करा लेने का निर्देश दिया गया है. जिन पूजा समितियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. वे इसके लिए अनुमति प्राप्त कर लें तथा इसका खुले में आयोजन करें. यदि पंडाल को घेरने की जरूरत पड़ती है तो प्रत्येक 15 फुट पर एक निकास द्वार अवश्य रखें. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आयोजकों के द्वारा बैठने की व्यवस्था इस तरह से किया जाना चाहिए कि निकास द्वार का मार्ग अवरूद्ध न हो.
पंडाल का घेरा बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए की आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहन के रास्ते को अवरूद्ध न किया जाये. साथ में भीड़ भाड़ वाले जगहों में कोई पटाखा न फोड़े इसका भी ध्यान रखना चाहिए. पटाखों के अनुज्ञप्तिधारी पोर्टेबल को अपनी प्रतिष्ठान में कम से कम दो सीओटू एवं दो पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र रखना जरूरी है. जिससे कि आपात स्थिति में दुर्घटना से निपटा जा सके. एसपी श्री कुमार ने माता दुर्गा के भक्तों से आपसी भाईचारे के साथ मिलकर सौहार्द पूर्ण में त्योहार मनाने की अपील की है.
पंडाल निर्माणकर्ताओं के लिए आवश्यक निर्देश
-पंडाल में फायर रिटोरडेंट सॉल्यूशन से उपचारित किया हुए कपड़े का प्रयोग करें
-पंडालों में कम से कम तीन द्वार रखें, दो सामने और एक पीछे से
-बिजली के तारों को त्रिपाल अथवा कपड़े के संपर्क में न रखें
-पंडालों में बिजली की व्यवस्था के लिए मोटे व नये तारों का प्रयोग करें
-पंडालों में अनिवार्य रूप से फ्यूज सर्किट ब्रेकर लगायें
-हवन की व्यवस्था पंडाल से बाहर थोड़ी दूर पर करें
-अगरबती जलाने की व्यवस्था जमीन पर करें, इसे पंडाल व मंच से अलग रखें
-पंडालों में पानी से भरा चार ड्रम, चार बाल्टी व चार मग रखें
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