आंध्र प्रदेश के संगा रेड्डी से गिरफ्तारी

Updated at : 20 May 2016 6:00 AM (IST)
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आंध्र प्रदेश के संगा रेड्डी से गिरफ्तारी

सफलता. ऋतिक राज हत्याकांड में मुख्य आरोपित आशीष धराया नाम बदलकर रह रहा था आरोपित बिहारशरीफ : एकंगरसराय के व्यवसायी निरंजन साव के पुत्र ऋतिक राज की हत्या के मुख्य आरोपित आशीष रंजन को नालंदा पुलिस ने आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आशीष ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है. […]

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सफलता. ऋतिक राज हत्याकांड में मुख्य आरोपित आशीष धराया

नाम बदलकर रह रहा था आरोपित
बिहारशरीफ : एकंगरसराय के व्यवसायी निरंजन साव के पुत्र ऋतिक राज की हत्या के मुख्य आरोपित आशीष रंजन को नालंदा पुलिस ने आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आशीष ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है. नालंदा के आरक्षी अधीक्षक कुमार आशीष ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपित आशीष रंजन एकंगरसराय थाना के मिल्की पर गांव निवासी रणविजय प्रसाद का पुत्र है. वह एकंगरसराय थाना परिसर से फरार हो गया था. थाना से फरार होने के बाद आशीष रंजन आंध्र प्रदेश के संगा रेड्डी में छिप कर रह रहा था.
आशीष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुअनि संजय कुमार, एकंगरसराय के थानाध्यक्ष व सिपाही दिलीप पासवान की एक कोर टीम गठित की गयी थी. इस टीम की आशीष रंजन की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया था. टीम को तकनीकी अनुसंधान के लिए सहयोग एवं दिशा-निर्देश एसडीपीओ हिलसा प्रवेंद्र भारती द्वारा लगातार दिया जा रहा था. टीम को पटना एटीएस से भी तकनीकी सहयोग मिल रहा था.
टीम के सदस्यों ने आंध्र प्रदेश के संगा रेड्डी जाकर स्थानीय पुलिस से सहयोग प्राप्त करते हुए आशीष के ठिकाने का विवेकपूर्ण तरीके से अध्ययन किया गया. उस क्षेत्र में हजारों की संख्या में बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश के निवासी लेबर एवं तकनीशियन का काम करते हैं. ऐसी स्थिति में आरोपित को पहचान पाना काफी कठिन था. आरोपित आशीष रंजन वहां अपना नाम संजय कुमार बदलकर रह रहा था और सतर्क था. एसपी ने बताया कि अभियुक्त आशीष रंजन ऊर्फ आशीष कुमार गिरफ्तारी आंध्र प्रदेश के कंडी ग्राम अंतर्गत आइआइटी संगारेड्डी के निकट से की गयी है.
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त आशीष रंजन ने व्यवसायी पुत्र हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए ऋतिक के अपहरण एवं हत्या की घटना का सिलसिलेवार खुलासा किया है. पूछताछ में पुलिस को अभियुक्त ने बताया कि 02 मई को एकंगरसराय थाना से गिरफ्तारी के बाद फरार होने में सफल हो गया.
अभियुक्त 100 मीटर का एथलीट रहा है : एसपी ने बताया कि आरोपित आशीष रंजन 100 मीटर का रेसर रहा है तथा स्टेट लेबल जूनियर एथलेटिक्स मीट में कई बार मेडल भी जीत चुका है. इसका रिकॉर्ड 11 सेकंड में 100 मीटर की रेस पूरा करने का रहा है. यही वजह है कि एकंगरसराय थाने में गिरफ्तारी के बाद लाये गये आशीष पुलिसिया निगरानी को धत्ता बता कर मौका मिलते ही कुछ ही सेकं ड में फरार होने में सफल हो गया.
यहां तक कि आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार कर लाने के दौरान भी पुलिस टीम को धोखा देकर भागने का प्रयास कर रहा था परंतु पुलिस टीम की सतर्कता से उसके मनसूबे पर पानी फिर गया. एस पी ने बताया कि एक सफल एथलीट रहने के कारण जेल से फरार होने का भविष्य में प्रयास नहीं कर सके, इसके लिए जेल अधिकारियों को खासतौर पर सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है.
गिरफ्तारी को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया : एकंगरसराय थाने से आशीष के फरार होने के बाद नालंदा पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया. अभियुक्त को आंध्र प्रदेश (तेलंगाना) के संगारेड्डी में रहने की सूचना पाकर गठित पुलिस टीम द्वारा टीम वर्क के साथ ग्राम कंडी, थाना संगा रेड्डी, जिला मेढ़क तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी से नालंदा पुलिस की कुशल कार्यशैली तथा मिशन पर काम करने का एक और प्रमाण पेश किया है.
उन्होंने बताया कि आशीष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पूरी प्लानिंग के साथ काम कर रही थी तथा सहजना गांव से उसे गिरफ्तार करने के काफी करीब थी परंतु एकंगरसराय में बंद, सड़क जाम व हंगामे की वजह से पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी.
दृश्यम फिल्म के आधार पर की थी अपहरण की प्लानिंग
एसपी ने बताया कि आशीष ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उसने अजय देवगन अभिनीत फिल्म दृश्यम के आधार पर अपहरण की पूरी प्लानिंग घटना के करीब डेढ़ माह पूर्व ही बना लिया था. इस दौरान उसने फिल्म में दरशाये गये घटनाक्रम के आधार पर अपहरण के दौरान आने वाली एक -एक प्वाइंट पर वर्क आउट किया था.
यहां तक कि अपहरण के बाद कहां रखना है,फिरौती की राशि किस तरह से वसूलनी है एवं पुलिस से कैसे बचना है सभी बिंदुओं पर फूलप्रुफ प्लानिंग की थी, लेकिन पुलिस के समक्ष सह अभियुक्त दीपू के स्वीकारोक्ति बयान ने उसके पूरे प्लानिंग पर पानी फेर दिया. मामले में लगातार पुलिसिया कार्रवाई से पूरे घटना पर से शीघ्र परदा उठ गया.
ऋतिक राज हत्याकांड पर एक नजर:
1़ 01 मई को व्यवसायी पुत्र ऋतिक राज उम्र 14 वर्ष का हुआ था अपहरण
2़ क्रिकेट खेलने के बहाने उसे ले जाया गया जहानाबाद
3़ 04 मई को जहानाबाद के हुलासगंज थाना के कोयरी विगहा गांव में नव निर्मित पंचायत भवन की छत से बरामद हुआ था ऋतिक राज का शव
4़ 02 मई की रात्रि में कांड के मुख्य आरोपित आशीष एकंगरसराय थाने से फरार हो गया था.
5़ मामले के उद्भेदन के लिए गठित टीम ने इस कांड के दो आरोपितों भातू विगहा के दीपू कुमार व गोमहर के कुंदन कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी.
6़ गिरफ्तार अभियुक्तों के निशानदेही पर जहानाबाद से ऋतिक राज का शव बरामद किया गया था.
अपहरण के कुछ घंटे बाद ही 01 मई को ऋतिक राज की हत्या कर दी गयी थी.
7़ इस मामले में एकंगरसराय में फिरौती व अपहरण का मामला दर्ज हुआ था.
टीम को किया सम्मानित
पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने आरोपित आशीष रंजन की गिरफ्तारी में शामिल अधिकारियों व कर्मियों को इस बेहतरीन काम के लिए पांच-पांच हजार रुपये नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत करने की घोषणा की है.
स्पीडी ट्रायल चलेगा
आरक्षी अधीक्षक ने बताया कि त्वरित एवं डे टू डे ट्रायल चलाकर जल्द ही अभियुक्तों को सजा दिलाने का काम किया जायेगा. गिरफ्तार आरोपित को आंध्र प्रदेश में न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर पूरी सुरक्षा में नालंदा लाया जायेगा.
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