विनोबा भावे जयंती : भूमि की समस्या के ठोस निदान के लिए सरकार इच्छा शक्ति दिखाये

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विनोबा भावे जयंती : भूमि की समस्या के ठोस निदान के लिए सरकार इच्छा शक्ति दिखाये

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समारोहपूर्वक मनायी गयी विनोबा भावे की जयंती प्रतिनिधि, कुढ़नी सकरी सरैया स्थित जनहित आश्रम में बुधवार को विनोबा भावे की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम में एकता परिषद के विजय गौरैया ने कहा कि देश में व्याप्त भूमि की समस्या का ठोस निदान होना चाहिए. सरकार की इच्छा शक्ति से ही समस्या का समाधान होगा. गांधीवादी विनोबा भावे ने 1951 में भूदान आंदोलन चलाकर लगभग 40 लाख एकड़ भूमि प्राप्त कर उसे गरीबों के बीच बांट दी थी. लेकिन आज भी उक्त भूदान से प्राप्त भूमि पर गरीबों का दखल कब्जा नहीं है. कहा कि विनोबा भावे विश्व शांति, सद्भाव एवं भाईचारा के प्रतीक थे. कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं ने जनहित आश्रम से जुलूस निकाला, जो पैदल मार्च करते हुए प्रखंड कार्यालय से होकर पुन: जनहित आश्रम पहुंचा. मौके पर जिलाध्यक्ष शिवनाथ पासवान, जिला संयोजक राम लखेंद्र, रामशीला देवी, जोगी देवी, राज कुमारी देवी, रघुनाथ राम, विद्यानंद प्रसाद, बिगन मंडल, शंभू शाह, कमलेश महतो, मंगल कुमार, इंद्रजीत मांझी, रामबाबू साहनी प्रखंड संयोजक, विशेश्वर गुप्ता प्रखंड अध्यक्ष, अरुण सिंह, प्रमिला देवी, शांति समेत अन्य मौजूद थे.

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