बागमती विस्तारीकरण परियोजना पर लगा ब्रेक, ग्रामीण मांग रहे मुआवजा

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Villagers are demanding compensation

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मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

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बागमती विस्तारीकरण परियोजना के तहत किए जा रहे दाएं तटबंध निर्माण पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है. रैयतों को मुआवजा भुगतान नहीं होने पर निर्माण के कार्य को बाधित कर दिया गया है. बागमती प्रमंडल के पदाधिकारियों के स्थल निरीक्षण कर रैयतों को समझाने के बावजूद भी कोई समझने को तैयार नहीं है. विरोध का कारण मुआवजा भुगतान नहीं होना बताया गया है. इसे लेकर कार्यपालक अभियंता ने जिलाधिकारी को वस्तुस्थिति की जानकारी दी है और अपने स्तर से संबंधित को इसके लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है. ताकि पदाधिकारी मौके पर जाकर मामले को सुलझा सके. तभी निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा. इसके आलोक में अपर समाहर्ता, विधि व्यवस्था ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी को कार्रवाई करने को कहा है. साथ ही जिलाधिकारी द्वारा उक्त पदाधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए प्राधिकृत करने की बात कही है. शीघ्र इस संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है. बागमती प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि बागमती दायां तटबंध के 83.40 किमी से 83.700 किमी के बीच कार्य को बाधित कर दिया गया है. काफी समझाने के बाद भी कोई मानने को तैयार नहीं हुए.

वर्ष 2020 में कार्य का किया गया था एकरारनामा

कार्य का एकरारनामा वर्ष 2020 में किया गया था, लेकिन मुआवजा भुगतान नहीं होने की बात बताकर ग्रामीणों ने कार्य को अवरूद्ध कर दिया है. एसडीओ पूर्वी और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने स्थल निरीक्षण कर सभी रैयतों को समझाया. बताया कि मुआवजा भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है्. बारी-बारी से सभी को भुगतान किया जा रहा है. कार्य में अवरोध उत्पन्न नहीं करने की अपील की थी. इसके बावजूद भी ग्रामीणों ने कार्य को बाधित कर दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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