भू-अर्जन के मामले में जमीन मालिक के गलत नाम अंकित होने से परेशानी

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भू-अर्जन के मामले में जमीन मालिक के गलत नाम अंकित होने से परेशानी

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मुजफ्फरपुर.

सरकारी योजनाओं के पूरा करने में जमीन का अधिग्रहण किया जाता है. जिसमें जमीन मालिक का नाम सही नहीं होने के कारण मुआवजा भुगतान में विवाद होता है. ऐसे में परियोजना का काम समय से पूरा करने में परेशानी होती है. इसको लेकर राजस्व व भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सूबे के जिलों के डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि जमीन संबंधित अभिलेख को पूरी तरह से अपडेट कराया जाये. पूर्व में भी इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश भेजे गये थे. पत्र में बताया है कि जमीन संबंधित अभिलेख सही से अपडेट नहीं करने के कारण महालेखाकार के ऑडिट टीम द्वारा आपत्ति की जाती है. भू अर्जन को लेकर प्रकाशित अधि घोषणा में जमीन के वर्तमान वास्तविक रैयत के तहत खतियान में अंकित रैयत का नाम रहने से मुआवजा भुगतान में बहुत वि वाद उत्पन्न हो रहा है. इन मामलों के निष्पादन के लिए सक्षम न्यायालय व प्राधिकार में संदर्भित किया जा रहा है. ऐसे में जमीन संबंधित अभिलेख से सही से अपडेट किया जाये. इसमें मृत व्यक्तियों के प्रविष्टियों का विलोपन, मृत व्यक्तियों के जगह उनके वैद्य उत्तराधिकारी का नाम दर्ज कराये. भू अधिकारी, विक्रय, उपहार या बटवारा आदि को प्रभारी कराना, भू अभिलेख में बंधकों की सभी प्रविष्टियों करना और सरकारी भूमि की स्थिति में आवश्यक प्रविष्टि करना है. इसको लेकर अनुरोध किया है कि उक्त निर्देश का अनुपालन दृढतापूर्वक किया जाये. ताकि जमीन अधिग्रहण के मुआवजा भुगतान के मामले में अनावश्यक रूप से सक्षम न्यायालय व प्राधिकरण न्यायालय को संदर्भित न करना पड़े. और वास्तविक रैयतों को समय से मुआवजा भुगतान किया जा सके.

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