रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाइए, होल्डिंग टैक्स में पाइए 5% की छूट

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रेन वाटर हार्वेस्टिंग (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर होल्डिंग टैक्स में 5% की छूट मिलेगी. नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किए हैं.

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मुजफ्फरपुर रेन वाटर हार्वेस्टिंग: जल-जीवन-हरियाली अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों को नए निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने साफ किया है कि निजी भवनों और अपार्टमेंट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग यानी छत के वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करने वाले लोगों को होल्डिंग टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी. इसके लिए नगर निकायों को अपने क्षेत्र में मौजूद ऐसी संरचनाओं का डेटा अपडेट करने का भी निर्देश दिया गया है.

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परियोजना पदाधिकारी-सह-अपर निदेशक देवेंद्र सुमन ने सभी नगर आयुक्तों और कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र भेजकर वर्षा जल संचयन, सार्वजनिक जल स्रोतों के संरक्षण और जल-जीवन-हरियाली अभियान के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्रवाई करने को कहा है.

होल्डिंग टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट

विभाग के अनुसार, बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली, 2013 के नियम 11(3) के तहत निजी भवनों और अपार्टमेंट में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करने पर होल्डिंग टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है.

नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाले भवनों और अपार्टमेंट से संबंधित जानकारी अपडेट करें. इसके बाद यह डेटा दो दिनों के भीतर एमआईएस सेल को उपलब्ध कराना होगा.

इस पहल का मकसद लोगों को वर्षा जल संचयन के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि बारिश के पानी का बेहतर उपयोग हो सके और भूजल पर बढ़ता दबाव कम किया जा सके.

तालाब और पोखरों के जीर्णोद्धार पर भी जोर

जल-जीवन-हरियाली अभियान के अवयव-02 के तहत सार्वजनिक तालाबों और पोखरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार को लेकर भी विभाग ने नगर निकायों को निर्देश दिया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों और लंबित योजनाओं पर जल्द काम शुरू कर उन्हें पूरा करने को कहा गया है.

तालाबों और पोखरों के संरक्षण से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद है. विभाग ने निकायों को लंबित योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है.

हर सप्ताह भेजनी होगी अभियान की सक्सेस स्टोरी

जल-जीवन-हरियाली अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए नगर निकायों को सोशल मीडिया का भी व्यापक इस्तेमाल करना होगा. निकाय क्षेत्रों में होने वाले बेहतर कार्यों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों और सफलता की कहानियों से जुड़े फोटो, ऑडियो और वीडियो हर सप्ताह जल-जीवन-हरियाली मिशन और विभाग को भेजने होंगे.

विभाग का उद्देश्य इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना है. इसके जरिए आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है.

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