गर्भवतियों ने किया एमसीएच में हंगामा

Updated:
विज्ञापन

मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों का एएनसी जांच कराने का निर्देश दिया है.

विज्ञापन

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों का एएनसी जांच कराने का निर्देश दिया है. इसके बाद भी एएनसी जांच नहीं हो रही है. सोमवार को एमसीएच में एएनसी जांच नहीं होने पर गर्भवती महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया. गर्भवती महिलाओं का कहना था कि हर माह के नौ और 21 तारीख को एएनसी जांच की जानी है. महिलाओं के हंगामा की सूचना पर अस्पताल प्रबंधक एमसीएच पहुंच एएनसी जांच शुरू कराया. इसके बाद महिलाएं शांत हुई. राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सार्थक पहल का ही परिणाम है कि आज मातृ-मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है. इसकी सफलता का कारण है संस्थागत प्रसव के साथ-साथ जिले में प्रसव पूर्व जांच को बढ़ावा देना है. गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच यानी एंटी नेटल केयर (एएनसी) बहुत जरूरी है. इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरोग्य दिवस का आयोजन होने के साथ-साथ एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को इसके लिए प्रेरित करती है.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन