नेपाल के फ्लैश फ्लड का 50 घंटे बाद दिखेगा असर, गंडक-बागमती पर प्रशासन की नजर

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सांकेतिक तस्वीर

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की स्थिति के कारण मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. जानकारों के अनुसार, नेपाल से छोड़े गए पानी का असर 50 घंटे बाद मैदानी इलाकों में दिख सकता है, जिससे नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका है.

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Bihar Flood Alert: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने के बाद मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. तकनीकी जानकारों के अनुसार नेपाल से आने वाले पानी को मैदानी इलाकों तक पहुंचने में करीब 50 घंटे लग सकते हैं. इसी समयावधि को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग और प्रशासन गंडक, बागमती समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

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50 घंटे बाद मैदानी इलाकों में दिख सकता है असर

जानकारों के अनुसार नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र से छोड़े गए पानी का असर करीब 50 घंटे बाद बिहार के तटवर्ती इलाकों में दिखाई देने लगता है. हालांकि इस बार पानी के बहाव और वेग को सामान्य से अधिक बताया जा रहा है. ऐसे में जलस्तर अनुमानित समय से पहले भी तेजी से बढ़ने की आशंका बनी हुई है.

इसी वजह से प्रशासन ने इस समयावधि को संभावित बाढ़ की तैयारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना है.

वाल्मीकिनगर और बेलवा घाट रेगुलेटर पर निगरानी

नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति को देखते हुए वाल्मीकिनगर और शिवहर के बेलवा घाट रेगुलेटर जैसे महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पर जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. अधिकारियों की नजर नदी के जलस्तर, बहाव और तटबंधों की स्थिति पर बनी हुई है.

सरैया का रतनपुर डीह डेंजर प्वाइंट

गंडक नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. सरैया के रतनपुर डीह के पास तटबंध को संवेदनशील माना जाता है. स्थानीय स्तर पर यहां कटाव का खतरा अधिक रहता है.

प्रशासन की नजर इस क्षेत्र पर विशेष रूप से बनी हुई है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.

बागमती बढ़ी तो औराई-कटरा-गायघाट पर असर

नेपाल से आने वाले पानी का असर बागमती नदी पर भी पड़ता है. शिवहर के बेलवा घाट रेगुलेटर से बागमती में पानी बढ़ने की स्थिति में औराई, कटरा और गायघाट क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं.

यदि बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है तो बूढ़ी गंडक से जुड़े इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.

नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह

संभावित बाढ़ को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने लोगों को आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी है.

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