शिक्षकों ने उठायी वेतन वृद्धि की मांग, बोले- 15 दिन में फैसला नहीं तो होगा आंदोलन

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प्रिंसिपल चेंबर के बाहर धरने पर बैठे शिक्षक, फोटो- प्रभात खबर

मुजफ्फरपुर के श्याम नंदन सहाय महाविद्यालय में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शिक्षकों ने धरना दिया. शिक्षकों ने 2019 के शिक्षा विभाग के आदेश का हवाला देते हुए महंगाई के अनुरूप वेतन बढ़ाने की मांग की है.

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शिक्षक धरना प्रदर्शन: श्याम नंदन सहाय महाविद्यालय में सोमवार को शिक्षकों ने एक दिन का सांकेतिक धरना दिया. शिक्षक प्रतिनिधि (TR) और शासी निकाय सदस्य प्रो. डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोजित धरने में प्रभारी प्राध्यापक से शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने की मांग की गयी. शिक्षकों ने कहा कि महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि अब जरूरी हो गयी है.

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15 दिनों में वेतन वृद्धि नहीं हुई तो होगा आंदोलन

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धरने को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि प्रभारी प्राध्यापक को शिक्षकों की मांग पर जल्द निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के अंदर वेतन वृद्धि नहीं की गयी तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में आमरण अनशन के साथ प्रभारी प्राध्यापक का घेराव भी किया जाएगा. शिक्षकों ने कहा कि फिलहाल सांकेतिक धरने के माध्यम से अपनी मांग अधिकारियों तक पहुंचायी गयी है.

2019 के आदेश का दिया हवाला

शिक्षकों का कहना है कि महाविद्यालय के प्रभारी प्राध्यापक फरवरी 2017 से पद पर हैं. धरना दे रहे शिक्षकों ने बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2019 में जारी पत्र का हवाला दिया.

शिक्षकों के अनुसार, पत्र में महाविद्यालय की आय में से 70 प्रतिशत राशि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन पर तथा 30 प्रतिशत राशि विकास मद में खर्च करने का प्रावधान बताया गया था. उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के अनुसार वेतन वृद्धि नहीं की जा रही है.

शिक्षकों ने इसे सरकार के आदेश का उल्लंघन बताते हुए महाविद्यालय की आय और वेतन व्यवस्था पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की.

महंगाई को देखते हुए वेतन बढ़ाने की मांग

धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने प्रभारी प्राध्यापक से जल्द वेतन वृद्धि की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.

शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. फिलहाल शिक्षकों ने 15 दिन की समयसीमा तय करते हुए आगे की रणनीति स्पष्ट कर दी है.

बड़ी संख्या में शिक्षक धरने में शामिल

धरने में डॉ. अपर्णा, डॉ. अप्रिता कुमारी, डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. शांभवी श्रीवास्तव, डॉ. रंजन शर्मा, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. अमिता रंजन, डॉ. कुमारी संगीता, डॉ. सुकन्या झा, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. सुषमा भारती, डॉ. कल्पना, डॉ. रेणु, डॉ. रूबी सिन्हा, डॉ. सलोनी भारती, डॉ. जया भारती, डॉ. रीता श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा, डॉ. राजन कुमार, मो. सहाबुद्दीन हैदर, डॉ. मनीष कृष्ण, प्रो. रविंद्र कुमार सिंह और डॉ. सुनील सिन्हा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे.

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