अब बिहार में ही करिए भगवान जगन्नाथ के दर्शन, मुजफ्फरपुर में स्थित है ये भव्य मंदिर
मुजफ्फरपुर स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर (बाएं) और भगवान अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ (दाएं)
पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर मुजफ्फरपुर के सकरा में एक भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है. 86 फीट ऊंचे इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा स्थापित है और यहां नियमित पूजा-अर्चना होती है. यदि आप पुरी नहीं जा पाते हैं तो इस मंदिर में भी भगवान जगन्नाथ का दिव्य दर्शन कर सकते हैं.
मुजफ्फरपुर का जगन्नाथ मंदिर: भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए आमतौर पर श्रद्धालु ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर पहुंचते हैं. लेकिन अगर व्यस्तता के कारण पुरी जाना संभव नहीं हो पा रहा है, तो मुजफ्फरपुर में भी भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए जा सकते हैं. जिले के सकरा प्रखंड में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य मंदिर बनाया गया है. करीब 86 फीट ऊंचे इस मंदिर की बनावट और स्थापत्य इसे खास बनाते हैं.
पुरी मंदिर की तर्ज पर हुआ निर्माण

मुजफ्फरपुर के सकरा में बना यह मंदिर देखने में काफी हद तक ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की शैली की याद दिलाता है. मंदिर का निर्माण त्राहि अच्युत आश्रम की ओर से कराया गया है. इस संस्था का मुख्य आश्रम ओडिशा में भुवनेश्वर के पास स्थित बताया जाता है.
मंदिर के पुजारी के अनुसार यहां भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा विराजमान है और नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जाती है. एकादशी और पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन भी होता है.
2009 में शुरू हुआ था मंदिर का निर्माण

मंदिर के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी. करीब नौ साल तक चले निर्माण कार्य के बाद वर्ष 2018 में मंदिर बनकर तैयार हुआ. 18 जून 2018 को मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्राण प्रतिष्ठा की गयी.
मंदिर के निर्माण में ओडिशा से आए कारीगरों ने काम किया था. बताया जाता है कि मंदिर की संरचना और निर्माण शैली को पुरी के जगन्नाथ मंदिर से प्रेरित रखा गया है. यही वजह है कि मुजफ्फरपुर का यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ आसपास के श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
मंदिर परिसर में मौजूद है वट वृक्ष
जगन्नाथ मंदिर परिसर में एक वट वृक्ष भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय है. स्थानीय स्तर पर इस पेड़ को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. बताया जाता है कि ओडिशा से आए एक गुरु ने खुद यहां वट वृक्ष लगाया था.

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस पेड़ के पास सच्चे मन से मनोकामना करने पर उनकी इच्छा पूरी होती है. हालांकि यह धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता से जुड़ी बात है.
पुरी नहीं जा पाएं तो यहां पहुंचते हैं श्रद्धालु
मुजफ्फरपुर में पुरी की तर्ज पर बने इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ के साथ धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहता है. एकादशी और पूर्णिमा पर विशेष पूजा होने के कारण इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है.

सकड़ा प्रखंड में स्थित यह मंदिर मुजफ्फरपुर शहर और आसपास के इलाकों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगवान जगन्नाथ की भक्ति से जुड़ा एक स्थानीय धार्मिक स्थल बन गया है. मंदिर की 86 फीट ऊंची संरचना भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती है.
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