बिहार B.Ed: रिक्त सीटों पर इंस्टेंट एडमिशन शुरू, पहले आओ-पहले पाओ पर मिलेगी सीट

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) मुजफ्फरपुर ने राज्य स्तरीय बीएड (सीईटी-बीएड व शिक्षा शास्त्री) 2026 की बची हुई सीटों पर नामांकन के लिए इंस्टेंट ऑनलाइन एडमिशन राउंड शुरू किया है. यह प्रक्रिया 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर आधारित है और 22 सितंबर तक चलेगी.

विज्ञापन

BRABU Muzaffarpur: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) मुजफ्फरपुर की ओर से राज्य स्तरीय बीएड (सीईटी-बीएड व शिक्षा शास्त्री) 2026 की बची हुई सीटों पर नामांकन के लिए इंस्टेंट ऑनलाइन एडमिशन राउंड शुक्रवार, 18 सितंबर से शुरू हो गया है. यह प्रक्रिया पूरी तरह से 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर आधारित है. काउंसलिंग पोर्टल सुबह 11 बजे से खुल गया है और यह 22 सितंबर की शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेगा. इससे उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक किसी कारणवश नामांकन से वंचित रह गए थे.

विज्ञापन

पंजीकृत अभ्यर्थी ही ले सकेंगे हिस्सा

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष चरण में केवल वही अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे, जिन्होंने पूर्व में काउंसलिंग के लिए सफल पंजीकरण कराया था. नामांकन की प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थी पोर्टल के ड्रॉप-डाउन बॉक्स में कॉलेजों और विषयों की रिक्त सीटें आसानी से देख सकेंगे. अपनी मनपसंद सीट का चयन करने के बाद अभ्यर्थी को 15 मिनट के भीतर 3,000 रुपये का सीट आरक्षण शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा. जो अभ्यर्थी पहले भुगतान प्रक्रिया पूरी करेगा, सीट उसी के नाम आरक्षित हो जाएगी. समय सीमा में भुगतान न होने पर सीट स्वतः रद्द होकर दोबारा पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी.

कॉलेज में होगा प्रमाण पत्रों का सत्यापन

सफल भुगतान के बाद सिस्टम तुरंत अलॉटमेंट लेटर जनरेट कर पंजीकृत ईमेल पर भेज देगा. इसके बाद अभ्यर्थियों को संबंधित कॉलेज में उपस्थित होकर अपने मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराना होगा और शेष शुल्क जमा करना होगा. बता दें कि यह 3,000 रुपये का आरक्षण शुल्क कुल नामांकन शुल्क में समायोजित कर दिया जाएगा.

तकनीकी विफलता पर विवि नहीं होगा जिम्मेदार

विश्वविद्यालय ने गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया है कि एक बार सीट अलॉट होने और शुल्क भुगतान के बाद कॉलेज बदलाव का कोई अवसर नहीं मिलेगा. वहीं सर्वर, इंटरनेट या पेमेंट गेटवे की समस्या के लिए विश्वविद्यालय किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं होगा. इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी परेशानियों से बचने की सलाह दी गई है, ताकि वे समय रहते अपनी सीट पक्की कर सकें

यह भी पढ़ें... 1.8 लाख फुटफॉल संभालने को तैयार होगा वर्ल्ड क्लास स्टेशन, तीन गुणा तक बढ़ेगी क्षमता

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन