गोली मार लोडेड एसएलआर के साथ ढाई घंटे तक घूमता रहा सनकी प्रेमचंद्र
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : मनीष की हत्या करने के बाद प्रेमचंद्र के सिर पर खून सवार था . वह लोडेड एसएलआर (हथियार) के साथ ढाई घंटे तक कैंपस में घूमता रहा. लेकिन, न तो बीएमपी-6 के अधिकारी उसके पास जाने की हिम्मत जुटा रहे थे. और ना ही कोई जवान. सभी जवान व अधिकारी डर से इधर-उधर […]
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मुजफ्फरपुर : मनीष की हत्या करने के बाद प्रेमचंद्र के सिर पर खून सवार था . वह लोडेड एसएलआर (हथियार) के साथ ढाई घंटे तक कैंपस में घूमता रहा. लेकिन, न तो बीएमपी-6 के अधिकारी उसके पास जाने की हिम्मत जुटा रहे थे. और ना ही कोई जवान. सभी जवान व अधिकारी डर से इधर-उधर छुप कर अपनी जान बचा रहे थे. घटना की सूचना पर मिठनपुरा थाने की पुलिस भी बीएमपी-6 पहुंची. लेकिन, गेट से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पायी .
रात्रि करीब चार बजे हवलदार रंजीत कुशवाहा व लाइन बाबू राजीव रंजन उर्फ मुनचुन सिंह ने प्रेमचंद्र को मैगजीन जमा करने को राजी किया . दोनों अपनी बात में उसे फंसाये इस बीच पीछे से दो जवानों ने उसको दबोच लिया. हाथ से हथियार छीन लिया.
महिला थाने के हाजत में प्रेमचंद्र कर रहा था हंगामा. आरोपित जवान को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस पूछताछ के लिए महिला थाने की हाजत में रखी थी. वहां, प्रेमचंद्र काफी हंगामा कर रहा था. वह जोर- जोर से चिल्लाकर बोल रहा था कि हां उसने गोली मारी है.
लेकिन, घटना उसने मिठनपुरा थाना क्षेत्र में किया तो क्यों उसको महिला थाने में रखा गया है. वह औरत नहीं हैं, और पुलिस व बीएमपी पदाधिकारियों को गाली-गलौज करने लगता था. एफएसएल की टीम मौके पर पहुंच की जांच. ब्लड व कारतूस से िनकले बारूद का नमूना जब्त कर अपने साथ ले गये.
मेंटल अनबैलेंस दिख रहा है आरोपित जवान
बीएमपी-6 के कमांडेंट क्षत्रनील सिंह अररिया एसपी के चार्ज में होने के कारण घटना के समय अररिया में थे. सिपाही मनीष की हत्या के बाद तुरंत अधिकारियों ने इसकी सूचना उन्हें दी. गुरुवार की अहले सुबह वे बीएमपी-6 पहुंचे. उन्होंने बताया कि दोनों सिपाही का बैरक नंबर-2 में आसपास बेड था. प्रारंभिक जांच में आरोपित जवान का मेंटल अनबैलेंस दिख रहा है.
उसे जिला पुलिस के हवाले कर दिया गया है. सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही हैं.
मैगजीन में लोड थी 20 गोली, सामने जो भी आता उसकी जान ले लेता प्रेमचंद्र : सिपाहियों ने बताया कि गश्ती के दौरान प्रेमचंद्र के पास 50 गोली थी. एलएलआर में जो मैगजीन लगाया था .
उसमें 20 गोली थी. वहीं, 20 गोलियों से भरा एक चार्ज मैगजीन भी अपने पास रखा था . मनीष को गोली मारने के बाद वह हथियार को तैयार स्थिति में लेकर बाहर निकला. उसके सिर पर खून सवार था. अगर कोई शोर मचाता तो उसको भी गोली मार देता.
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