नगर परिषद के पास कचरा फेंकने की जगह नहीं, हवेली खड़गपुर में बदबू और गंदगी से लोग परेशान

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हवेली खड़गपुर में कचरा निस्तारण ठप होने के बाद थाना मोड पर इकट्ठा कूड़े का ढेर | Prabhat Khabar Network

हवेली खड़गपुर शहर सफाई व्यवस्था की विकट समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि नगर परिषद के पास कचरा निस्तारण के लिए कोई स्थायी जगह नहीं है. इसके चलते मुख्य बाजार से लेकर सड़कों के किनारे कचरे के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं. वर्षों से चली आ रही इस समस्या का हल अभी फाइलों में अटका है.

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Munger News: हवेली खड़गपुर शहर में सफाई व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है. नगर परिषद के पास कचरा निस्तारण के लिए स्थायी डंपिंग एरिया नहीं होने के कारण मुख्य बाजार, चौक-चौराहों और सड़कों के किनारे जगह-जगह कचरे का ढेर जमा है. गर्मी और बारिश के बीच सड़ रहे कचरे से निकल रही दुर्गंध ने दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.

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स्थिति यह है कि कई जगह नालों की सफाई के बाद निकाला गया मलबा भी सड़क और नाले के किनारे पड़ा है. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. वहीं कचरे के लंबे समय तक पड़े रहने से आसपास के इलाकों में गंदगी और दुर्गंध का असर भी बढ़ रहा है.

नगर पंचायत से नगर परिषद बना शहर, फिर भी नहीं मिला स्थायी ठिकाना

हवेली खड़गपुर नगर पंचायत से नगर परिषद में तब्दील हो चुका है, लेकिन ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अब तक स्थायी डंपिंग एरिया विकसित नहीं हो सका है. पिछले कई वर्षों से सफाई के बाद निकलने वाले कचरे को उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग जगहों पर गिराया जाता रहा है.

कभी निजी जमीन या खेतों के आसपास कचरा गिराया गया, तो कभी मनी नदी के समीप सार्वजनिक क्षेत्र में कचरा डंप किया गया. मनी नदी के आसपास कचरा फेंके जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. दूसरी ओर निजी जमीन पर कचरा गिराने को लेकर किसानों और जमीन मालिकों ने भी आपत्ति जतायी.

इसके बाद नगर परिषद के सामने रोज निकलने वाले कचरे के निस्तारण की समस्या और गंभीर हो गयी है.

किसानों के विरोध के बाद सिंहपुर में भी बंद हुआ कचरा गिराना

नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि फिलहाल नगर परिषद के पास कचरा फेंकने के लिए अपना कोई स्थायी डंपिंग एरिया नहीं है.

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से नगर क्षेत्र के सिंहपुर इलाके में कचरा गिराया जा रहा था. वहां किसानों के विरोध के बाद अब उस स्थान पर भी कचरा गिराना बंद कर दिया गया है.

इसका सीधा असर कचरा उठाव की व्यवस्था पर पड़ा है. सफाई एजेंसी द्वारा वार्डों और सड़कों की सफाई की जा रही है, लेकिन सफाई के बाद एकत्रित कचरे को कहां और कैसे ले जाकर डंप किया जाए, यह बड़ी चुनौती बन गयी है.

सफाई हो रही, लेकिन कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं

नगर परिषद की मौजूदा स्थिति में समस्या सिर्फ सड़कों की सफाई की नहीं है. असली चुनौती सफाई के बाद निकलने वाले कचरे को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से निस्तारित करने की है.

जब कचरा जमा करने के लिए निश्चित स्थान नहीं होगा, तो सफाई के बाद भी कचरे के ढेर अलग-अलग जगहों पर दिखाई देते रहेंगे. इसका असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है.

बारिश के मौसम में स्थिति और खराब होने की आशंका रहती है. कचरे के ढेर के आसपास जलजमाव होने पर दुर्गंध और गंदगी बढ़ सकती है. ऐसे में स्थायी समाधान नहीं होने पर शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

जमीन खरीद के बाद बनेगा MRF प्लांट

स्वच्छता पदाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार नगर परिषद डंपिंग एरिया के लिए भूमि खरीद की प्रक्रिया में जुटा है. जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां एमआरएफ यानी मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट, डंपिंग एरिया और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी.

इस व्यवस्था के तैयार होने के बाद नगर क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण का रास्ता साफ होगा. इससे अलग-अलग स्थानों पर कचरा गिराने की समस्या भी खत्म होने की उम्मीद है.

वर्षों से फाइलों में जमीन खरीद, अब उठ रहे सवाल

नगर परिषद की व्यवस्था को लेकर उपमुख्य पार्षद दीपक यादव ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने कहा कि डंपिंग एरिया के लिए भूमि खरीद की प्रक्रिया वर्षों से चल रही है, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी है.

उन्होंने कहा कि यह गंभीर स्थिति है कि सफाई होने के बावजूद सड़कों और मोहल्लों से एकत्रित कचरा तथा नाला सफाई के बाद निकला मलबा समय पर नहीं उठ पा रहा है.

दीपक यादव के मुताबिक, जब तक कचरा निस्तारण के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं होगा, तब तक नगर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू बनाए रखना मुश्किल रहेगा.

Munger News: शहर की सफाई व्यवस्था के सामने अब स्थायी समाधान की चुनौती

हवेली खड़गपुर में मौजूदा स्थिति नगर परिषद के सामने एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है. एक तरफ शहर में नियमित सफाई जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है.

अब लोगों की नजर भूमि खरीद की प्रक्रिया पर है. यदि जल्द स्थायी डंपिंग एरिया और एमआरएफ प्लांट की व्यवस्था तैयार होती है, तो शहर में कचरा निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है. फिलहाल डंपिंग एरिया के अभाव में कचरे के ढेर शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने ला रहे हैं.

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