मुंगेर में गंगा का जलस्तर 21 सेंटीमीटर गिरा, खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे

Updated:
विज्ञापन

शहर की गलियों में बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट आई है, जिससे मुंगेर में बाढ़ की स्थिति से थोड़ी राहत मिली है. हालांकि, ग्रामीण इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.

विज्ञापन

मुंगेर : गंगा के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू हो गई है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार रात 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.54 मीटर दर्ज किया गया था, जो रातभर में 21 सेंटीमीटर घटकर रविवार सुबह छह बजे 39.05 मीटर पर पहुंच गया. जलस्तर अब खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे है. पानी घटने से प्रशासन और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन निचले इलाकों में मुश्किलें अभी बरकरार हैं.

विज्ञापन
शहर की गलियों में बाढ़ का पानी, गांव के घरों में जमा पानी | Prabhat Khabar Network
घरों में जमा पानी | Prabhat Khabar Network

शहर से पानी निकला, ग्रामीण इलाकों में अब भी जलजमाव

मुंगेर शहर के कई हिस्सों से बाढ़ का पानी निकल चुका है, लेकिन ग्रामीण और निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है. कई जगह जलजमाव के कारण बदबू की समस्या शुरू हो गयी है. इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है.

पानी घटने के बावजूद कई परिवारों के सामने घर लौटने की चुनौती बनी हुई है. कई घरों और आसपास के इलाकों से पानी पूरी तरह नहीं निकला है, जिससे लोग अभी सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं.

रेल पटरी और सड़क किनारे रहने को मजबूर विस्थापित परिवार

बाढ़ के कारण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे परिवारों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है. बड़ी संख्या में लोग रेल पटरी के किनारे, सड़क किनारे और अन्य ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं.

खुले में रहना, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करना तथा बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल करना विस्थापित परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. वहीं, गांवों में फंसे लोगों के सामने आवागमन, स्वच्छता और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं.

पानी घटा, लेकिन बाढ़ के जख्म अभी बाकी

गंगा का पानी भले ही तेजी से पीछे लौट रहा हो, लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान के निशान अभी लंबे समय तक दिखाई देंगे. खेतों में जमा पानी, क्षतिग्रस्त रास्ते और घरों में घुसा पानी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं.

ऐसे में जलस्तर में गिरावट के साथ अब प्रशासन के सामने राहत, स्वच्छता और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की चुनौती है. पानी घटने के बाद भी प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

मुंगेर गंगा जलस्तर: एक नजर में

  • शनिवार रात 10 बजे जलस्तर: 39.54 मीटर
  • रविवार सुबह 6 बजे जलस्तर: 39.05 मीटर
  • रातभर में गिरावट: 21 सेंटीमीटर
  • खतरे के निशान से नीचे: 17 सेंटीमीटर
  • ग्रामीण और निचले इलाकों में: जलजमाव बरकरार

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन