बरियारपुर में सामुदायिक किचन की व्यवस्था पर बाढ़ पीड़ितों का आक्रोश, भोजन की गुणवत्ता और कमी का आरोप
बाढ़ पीड़ित भोजन के इंतजार में खड़े | Prabhat Khabar Network
बरियारपुर में बाढ़ पीड़ितों का सामुदायिक किचन की व्यवस्था पर गुस्सा फूट पड़ा है. प्रभावितों का आरोप है कि उन्हें घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है और मात्रा भी अपर्याप्त है. लोग खाली बर्तन लेकर घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं.
बरियारपुर (मुंगेर). प्रखंड की इटहरी पंचायत के वार्ड संख्या 12 और 18 में संचालित सामुदायिक किचन की व्यवस्था को लेकर बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. प्रभावित लोगों का आरोप है कि सामुदायिक किचन में सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. कहीं भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो कहीं पर्याप्त भोजन नहीं मिलने के कारण महिलाओं और बच्चों को खाली बर्तन लेकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
वार्ड 18 में भोजन की गुणवत्ता पर उठाये सवाल
वार्ड संख्या 18 स्थित सामुदायिक किचन में भोजन करने पहुंचे बाढ़ पीड़ित सुखती देवी, कमली देवी, सावित्री देवी और गुड़िया कुमारी ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां मटर की दाल परोसी जाती है और मसाले एवं तेल की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है. बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन से भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने और निर्धारित मानक के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है.
वार्ड 12 में भोजन के लिए लगी लंबी कतार
वार्ड संख्या 12 स्थित सामुदायिक किचन में भोजन लेने के लिए महिलाओं और बच्चों की लंबी कतार लगी थी. कतार में खड़े लोगों के अनुसार कुछ ही देर में भोजन समाप्त हो गया. इसके बाद कई लोग खाली बर्तन लेकर धूप में खड़े होकर भोजन मिलने का इंतजार करते रहे. बाद में किचन संचालक की ओर से भोजन समाप्त होने की बात कही गयी. इससे बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी देखी गयी.
पर्याप्त भोजन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि जब बड़ी संख्या में लोग भोजन के लिए सामुदायिक किचन पहुंच रहे हैं तो जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में भोजन तैयार किया जाना चाहिए. बाढ़ के कारण कई परिवारों के घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में सामुदायिक किचन ही उनके लिए भोजन का प्रमुख सहारा है. लोगों का कहना है कि यदि सामुदायिक किचन में भी समय पर भोजन नहीं मिलता है तो बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ जाती है.
बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत
बाढ़ पीड़ितों ने छोटे बच्चों के लिए दूध सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराये जाने की भी शिकायत की. उनका कहना है कि बाढ़ की स्थिति में छोटे बच्चों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
नियमित निगरानी और पर्याप्त भोजन की मांग
बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन से सामुदायिक किचन की नियमित निगरानी कराने की मांग की है. लोगों ने भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ लाभुकों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भोजन तैयार कराने की भी मांग की. प्रभावित परिवारों का कहना है कि बाढ़ के दौरान सामुदायिक किचन की व्यवस्था सुचारु रहना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए