जेल में बंद कैदी लगा रहे गांजा का कश
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :22 Apr 2017 8:53 AM
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मुंगेर : मुंगेर मंडल कारा में कैदियों को सभी सुख-सुविधा मुहैया करायी जाती है. इसके एवज में कैदियों को एक तय शुदा रकम अदा करनी पड़ती है. पैसे के बल पर ही जेल के अंदर गांजा मंगाया जा रहा है और जेल में कैदी बेधड़क गांजा का कश लगा रहे है. कैदी गांजा का कश […]
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मुंगेर : मुंगेर मंडल कारा में कैदियों को सभी सुख-सुविधा मुहैया करायी जाती है. इसके एवज में कैदियों को एक तय शुदा रकम अदा करनी पड़ती है. पैसे के बल पर ही जेल के अंदर गांजा मंगाया जा रहा है और जेल में कैदी बेधड़क गांजा का कश लगा रहे है. कैदी गांजा का कश लगा कर हर फिक्र को धुंए में उड़ा रहा है. शुक्रवार को जेल में छापेमारी के बाद गांजा का 60 पुड़िया बरामद होने पर यह साबित हो गया कि जेल के अंदर जेल प्रशासन की मिलीभगत से गांजा पहुंच रही है. जो जेल की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर रहा है.
आखिर कहां गायब हो जाता है मोबाइल
मुंगेर जेल से अपराध संचालित होने की खबर हमेशा सुर्खियों में रहा है. जेल से रंगदारी मांगना व हत्या की साजिश रचना आम बात होती जा रही है और यह सभी संभव हो रहा मोबाइल से 2015 में जिला बल के एक जवान को गिरफ्तार किया गया था जो जेल में बंद शातिर अपराधी रवि शर्मा को न्यायालय में उपस्थापन के दौरान मोबाइल उपलब्ध करा रहा था. जब भी जेल में छापेमारी हुई है तभी मोबाइल सेट बरामद हुआ है. इससे यह बात पुख्ता है कि जेल की सुरक्षा में लगे जवान ही कैदियों को मोबाइल उपलब्ध कराता है, लेकिन इन दिनों कैदियों ने ट्रेंड बदल लिया है. अब कैदी मोबाइल का उपयोग होने के बाद जेल की सुरक्षा में लगे जवानों को ही दे देता है. तभी तो शुक्रवार की छापेमारी में एक भी मोबाइल बरामद नहीं हुआ. जबकि मोबाइल का चार्जर व बैटरी बरामद किया गया. अर्थात कैदी मोबाइल का उपयोग तो कर रहा है लेकिन छापामार दस्ता उसे ढूंढ नहीं पायी.
निकाय चुनाव पर है अपराधियों की नजर
जेल में बंद शातिर अपरधियों की नजर नगर निकाय चुनाव पर है. कुछ दिन पहले एक मामला सामने आया था कि जेल से एक शातिर अपराधी ने कासिम बाजार थाना क्षेत्र के एक वार्ड पार्षद को निर्विरोध जीताने के लिए चुनाव लड़ने वाले कुछ लोगों को चुनाव में खड़ा नहीं होने की धमकी दी थी. इसके कारण पुलिस को लगा कि अगर मोबाइल जेल के अंदर रहा तो निकाय चुनाव में अपराधी कुछ भी घटना करवा सकता हैं और शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हो पायेगा.
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