शराब पर नहीं है नकेल, प्रशासन फेल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jul 2016 7:22 AM

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शराबबंदी . प्रतिबंध के बावजूद मुंगेर में धड़ल्ले से बिक रही शराब प्रतिबंध के बावजूद मुंगेर में बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार चल रहा है और आज भी शराबी जाम छलका रहे हैं. कुछ मामलों में शराब व शराबी को पकड़ कर पुलिस जरूर इस बात का एहसास करा रही है कि शराब बेचना […]

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शराबबंदी . प्रतिबंध के बावजूद मुंगेर में धड़ल्ले से बिक रही शराब

प्रतिबंध के बावजूद मुंगेर में बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार चल रहा है और आज भी शराबी जाम छलका रहे हैं. कुछ मामलों में शराब व शराबी को पकड़ कर पुलिस जरूर इस बात का एहसास करा रही है कि शराब बेचना और पीना दोनों अपराध है.
मुंगेर : एक ओर सरकार पूर्ण शराबबंदी को सफल बनाने के लिए नीत्य नये कानून बना रही है. आम लोगों में दहशत पैदा किया जा रहा कि वे शराब की परछाई से भी दूर रहे. लेकिन शराब के कारोबार से जुड़े और शराब का सेवन करने वालों को इससे कोई हर्ज नहीं है कि आगे क्या होगा. ये लोग नये-नये तकनीक का सहारा लेकर शहर में शराब के कारोबार को चला रहे. शहर के मोगल बाजार, माधोपुर एवं पूरबसराय का इलाका तो जैसे शराब की मंडी बन चुकी है.
अब भी मिल रही ऑनली फोर बिहार . बिहार में 1 अप्रैल 2016 से शराब पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गयी. शराब की सभी लाइसेंसी दुकान के साथ ही वैबरेज कोरपोरेशन के दुकान में रखे विदेशी शराब को स्टॉक में सील कर दिया गया. बावजूद आज भी मुंगेर एवं आसपास के क्षेत्र में जो शराब की बोतलें मिल रही है उस पर ऑनली फोर बिहार लिखा हुआ है. अधिकांश संख्या में पौआ यानी निब्स की बोतलें लोगों को मिल रही है. मेकडबल, बैगपाइपर, 8 पीएम कंपनी की रम व विस्की अधिकांश संख्या में मुहैया करायी जा रही है. इसके अलावे मुंगेर में आरएस, ब्लंडर स्प्राइट, इंपीरियर ब्लू की कोड लोगों को मुहैया करायी जा रही है. जिस पर ऑनली फोर झारखंड व पश्चिम बंगाल लिखा हुआ रहता है.
कितने में मिल जाती है शराब
मुंगेर में रम की छोटी बाली बोतल यानी निब्स 200 से 250 तक में मुहैया करायी जा रही है. जबकि दूसरे कंपनी की विस्की 230 से 270 तक में लोगों को मिल रही. बड़ी बोतल यानी कोड 1000 से 1600 रुपये तक में मिल जाती है. कंपनी के हिसाब से दर का निर्धारण किया जाता है.
बेरोजगार के लिए बना का धंधा
शराब का कारोबार आज बेरोजगारों के लिए रोजगार का एक बड़ा माध्यम बन चुका है. शराब का सिंडीकेट चलाने वाले लोग बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को इस धंधे से बड़े पैमाने पर जोड़ रहा है. कुछ लोगों से जहां बिहार से सटे झारखंड व पश्चिम बंगाल से शराब तस्करी कर लाने का काम लिया जाता है. वहीं क्षेत्र के हिसाब से स्टॉक कर शराब को रखा जाता है. जहां से ऑडर बुक होने पर शराब की आपूर्ति की जाती है. इस धंधे में बच्चों को भी शामिल किया गया है. जो अपने कमर में बोतल बांध कर निर्धारित स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहा.
कहते हैं एसपी
एसपी आशीष भारती ने बताया कि थानेदारों को हिदायत दी है कि अपने-अपने क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर पूर्णबंदी करें. अगर कहीं से भी इनकी संलिप्तता मिलती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि शराबबंदी के खिलाफ चलाये अभियान में मुंगेर पुलिस को काफी सफलता मिली है. भारी मात्रा में शराब का जखीरा पकड़ा गया. भट्ठियों को तोड़ा गया. कारोबारी व शराबियों को पकड़ कर जेल भेजा जा रहा है.
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