शहर के लोग खुले में कर रहे शौच

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स्वच्छ भारत मिशन. गांवों को सौ प्रतिशत खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर प्रखंड के तीन-तीन पंचायत को शत-प्रतिशत खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं दूसरी ओर मुंगेर शहरी क्षेत्र में आज भी हजारों परिवार खुले में शौच को विवश […]

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स्वच्छ भारत मिशन. गांवों को सौ प्रतिशत खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य
एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर प्रखंड के तीन-तीन पंचायत को शत-प्रतिशत खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं दूसरी ओर मुंगेर शहरी क्षेत्र में आज भी हजारों परिवार खुले में शौच को विवश है. इसमें अधिकांश गरीब तबके के लोग हैं.
मुंगेर : मुंगेर शहर के बाजार एरिया को छोड़ अधिकांश मुहल्लों में आज भी खुले में शौच की प्रथा चल रही है. एक ओर लाल दरवाजा से लेकर हेरूदियारा तक गंगा किनारे क्षेत्र में बसे मुहल्ले के लोग गंगा तट पर शौच के लिए जाते हैं तो दूसरी ओर स्लम एरिया में रहने वालों की भी यही दशा है. कुछ स्थानों पर भले ही निगम द्वारा सामुदायिक शौचालय बना दिया गया है लेकिन न तो उसका रखरखाव हो रहा और न ही वह शौच जाने के लायक बचा है.
शौचालय विहीन है हजारों परिवार . मुंगेर शहर में रहने वाले हजारों परिवार शौचालय विहीन है. जिन्हें खुले में शौच जाना मजबूरी है. शहर के दक्षिणी क्षेत्र हसनगंज, बिंदवारा, महद्दीपुर, खोजा बाजार, मोकबिरा, चांयटोला, गोढ़ीटोला, कासिम बाजार, नवटोलिया, बिंदवारा मोड़, नौलखा, मिर्जापुर, शक्तिनगर के सैकड़ों परिवार जहां खुले में खेत व डगर किनारे शौच जा रहे. तो प्रात:काल सूर्योदय से पहले और शाम में सूर्यास्त के बाद इन क्षेत्रों के सड़क किनारे महिलाएं व लड़कियां आज भी शौच जा रही है. इतना ही नहीं शहर के संदलपुर, पूरबसराय, 2 व 3 नंबर गुमटी, हाजीसुभान, कृष्णापुरी के क्षेत्र में भी खुले में शौच जाते लोगों को देखा जाता है.
स्लम एरिया की स्थिति बदहाल.
मुंगेर के स्लम एरिया में यूं तो सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया. किंतु वह अब सिर्फ दिखावे के लिए है. किला परिसर के मुख्य द्वार स्थित मुसहरी में नगर प्रशासन द्वारा पूर्व में सामुदायिक शौचालय बनाया गया था. जो आज पूरी तरह बेकार है. अब यहां रहने वाले लोग शौच जाते भी नहीं. वे किला खाई के किनारे ही शौच जाते हैं. जबकि 2 व 3 नंबर गुमटी पर रहने वाले परिवार भी खुले में ही शौच जा रहे हैं.
शौचालय निर्माण की गति मंथर
शहरी क्षेत्र में शौचालय निर्माण की गति मंथर है. नगर निगम के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में कुल 999 शौचालय विहीन घरों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है.
जिसमें प्रत्येक लाभुक को 12 हजार रुपये देने का प्रावधान है. किंतु यह योजना यहां पूरी तरह फ्लॉप नजर आ रही. अब जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज 25 दिन शेष है तो इस योजना के तहत 170 परिवारों को लाभान्वित किया गया है. यदि नगर निगम की यही गति रही तो अगले दस वर्षों में भी मुंगेर शहर खुले में शौच मुक्त नहीं हो पायेगा.
कहते हैं सिटी मैनेजर
सिटी मैनेजर एहतेशाम हुसैन ने बताया कि अबतक शौचालय निर्माण के लिए 170 परिवारों को राशि मुहैया करायी गयी है. इस योजना के तहत लगभग 700 आवेदन प्राप्त हुए हैं. जिसका निष्पादन किया जा रहा.
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