कभी एक थाली में खाते थे खाना, अब हत्या तक पहुंची रंजिश, शमशाद हत्याकांड में मिट्टी भराई विवाद की चर्चा

Author Raj Nikhil|Edited by Purushottam Kumar
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शिक्षक शमशाद आलम की हत्या ने इलाके में पुरानी दुश्मनी की यादें ताज़ा कर दी हैं. कभी गहरी दोस्ती वाले दो परिवारों के बीच मनरेगा सड़क निर्माण को लेकर उपजा विवाद अब हत्या तक पहुँच गया है. पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है.

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Banjaria News: बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी पंचायत में चर्चित शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड को लेकर पुरानी घटनाओं और विवादों की चर्चा सामने आ रही है. ग्रामीणों के अनुसार, कभी शिक्षक शमशाद आलम और पूर्व प्रमुख चमन के परिवारों के बीच गहरी दोस्ती थी. दोनों परिवारों के रिश्ते इलाके में मिसाल माने जाते थे, लेकिन करीब एक साल पहले मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण और मिट्टी भराई को लेकर हुए विवाद के बाद रिश्तों में दूरी बढ़ती चली गयी.

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ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि यही पुराना विवाद बाद में दोनों परिवारों के बीच तनाव का कारण बना. हालांकि, इस विवाद और शिक्षक की हत्या के बीच सीधा संबंध होने की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.

कभी एक थाली में खाते थे दोनों परिवार

ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक शमशाद आलम और पूर्व प्रमुख चमन के परिवारों के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध थे. पूर्व प्रमुख चमन के दिवंगत पिता इजहार हुसैन और शमशाद आलम के पिता मो. रफीस के बीच भी गहरी दोस्ती थी.

बताया जाता है कि दोनों परिवारों के लोग बचपन से एक-दूसरे के साथ रहे और उनके बीच पारिवारिक संबंध काफी मजबूत थे. ग्रामीणों के मुताबिक, इजहार हुसैन और मो. रफीस एक ही थाली में खाना खाते थे. दोनों परिवारों की यह दोस्ती लंबे समय तक इलाके में चर्चा का विषय रही.

मनरेगा सड़क निर्माण के बाद शुरू हुआ विवाद

ग्रामीणों के अनुसार, जून 2025 में पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बथना जाने वाली सड़क पर मिट्टी भराई का काम कराया गया था. सड़क के किनारे शिक्षक शमशाद आलम का खेत भी था.

आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान शमशाद आलम के खेत से मिट्टी काटकर सड़क पर डाल दी गयी. इसी को लेकर शिक्षक शमशाद आलम और पूर्व प्रमुख चमन के बीच विवाद शुरू हुआ. धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ता गया और दोनों परिवारों के पुराने संबंधों में भी दूरी आने लगी.

प्रशासन तक पहुंचा था सड़क और मिट्टी का विवाद

मिट्टी कटाई और सड़क निर्माण को लेकर विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों के पास आवेदन दिए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है.

ग्रामीणों का कहना है कि जिस रिश्ते को कभी इलाके में दोस्ती की मिसाल के तौर पर देखा जाता था, उसी परिवार के बीच विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया. हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी.

हत्या की वजह की हर पहलू से जांच कर रही पुलिस

शमशाद आलम हत्याकांड के बाद पुराने विवादों की चर्चा तेज हो गयी है. ग्रामीण इस घटना को पिछले विवादों से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों का इंतजार करना जरूरी है.

पुलिस मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. पुराने विवाद, दोनों पक्षों के बीच संबंध और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही शिक्षक शमशाद आलम की हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.

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