ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी खाली हाथ लौट रहे किसान, यूरिया के लिए दुकान-दुकान भटकने की मजबूरी
मोतिहारी में यूरिया खाद की किल्लत से किसान बेहाल हैं. ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी चयनित दुकानों पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जिससे किसानों को एक दुकान से दूसरी दुकान भटकना पड़ रहा है.
Motihari News: मोतिहारी. सदर अनुमंडल क्षेत्र में यूरिया खाद लेने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है. किसानों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के बाद जिस दुकान का चयन होता है, वहां पहुंचने पर कई बार यूरिया का स्टॉक उपलब्ध नहीं मिलता. ऐसे में उन्हें एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकना पड़ रहा है. खेती के महत्वपूर्ण समय में यूरिया की जरूरत के बीच यह स्थिति किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है.
ऑनलाइन आवेदन के बाद चयनित दुकान पर नहीं मिल रही खाद
किसानों के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिस्टम में चयनित दुकान की जानकारी मिलती है. इसके बाद जब वे संबंधित दुकान पर खाद लेने पहुंचते हैं तो कई बार दुकानदार स्टॉक उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हैं.
किसानों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के तहत पहले से दुकान निर्धारित होने के बावजूद वहां खाद नहीं मिलने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटक रहे किसान
यूरिया की जरूरत के कारण किसान चयनित दुकान पर पहुंचने के बाद जब खाली हाथ लौटते हैं, तो उन्हें दूसरी दुकानों का चक्कर लगाना पड़ता है. इससे समय और मेहनत दोनों बढ़ रहे हैं.
खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद की जरूरत तुरंत होती है. ऐसे में बार-बार दुकान बदलने की मजबूरी से किसानों की परेशानी और बढ़ रही है.
अधिक कीमत और दूसरी सामग्री लेने का भी आरोप
कुछ किसानों ने आरोप लगाया है कि निर्धारित कीमत से अधिक राशि की मांग की जा रही है. वहीं कुछ स्थानों पर यूरिया के साथ दूसरे पॉकेट या कृषि सामग्री लेने के लिए भी दबाव बनाने की शिकायत सामने आयी है.
किसानों का कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. उनका आग्रह है कि यूरिया निर्धारित दर पर ही उपलब्ध करायी जाए और अनावश्यक सामग्री लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाए.
कोटवा से लखौरा तक सामने आ रही परेशानी
यूरिया की उपलब्धता को लेकर कोटवा प्रखंड, बझिया बाजार, सरैया चौक, कल्याणपुर के सेमरा चौक, मोतिहारी प्रखंड के बतरौलिया चौक, बासमनपुर, भरौलिया चौक, टिकुलिया और लखौरा चौक समेत कई क्षेत्रों से किसानों की परेशानी सामने आ रही है.
छोटे बाजारों और चौक-चौराहों पर संचालित खाद दुकानों तक पहुंचने वाले किसानों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने से भी दिक्कत बढ़ रही है.
स्टॉक और बिक्री की नियमित जांच की मांग
किसानों ने कृषि विभाग से यूरिया दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, पॉस मशीन से दर्ज बिक्री, ऑनलाइन आवंटन और वास्तविक उपलब्धता की नियमित जांच कराने की मांग की है.
किसानों का कहना है कि ऑनलाइन आवंटन और दुकान पर वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए. इससे किसानों को चयनित दुकान पर पहुंचने के बाद खाली हाथ लौटने की परेशानी कम हो सकती है.
निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग
किसानों ने कृषि विभाग से निर्धारित दर पर यूरिया उपलब्ध कराने की निगरानी मजबूत करने की मांग की है. साथ ही खाद के साथ किसी अन्य सामग्री की अनिवार्य खरीद के दबाव पर भी रोक लगाने की मांग की गयी है.
मामले में सदर एसडीओ कृषि सुरेश प्रसाद से जानकारी लेने के लिए कॉल किया गया, लेकिन किसी कारण उनका फोन रिसीव नहीं हुआ. विभाग की ओर से इस शिकायत पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है.
यह भी पढ़ें: दुकानें सड़क पर लगाईं तो पहुंची टीम, रक्सौल के मुख्य पथ पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए