सावधान! नेपाल की बाढ़ से बिहार आईं 'विदेशी-अज्ञात मछलियां', खाने से हो सकती है गंभीर बीमारी, एडवाइजरी जारी

Updated:
विज्ञापन

बाढ़ में तैरती हुई मछलियां (सांकेतिक तस्वीर)

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार आई अज्ञात मछलियों के सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सरकार ने इन मछलियों को न खाने की सख्त एडवायजरी जारी की है। पूरी जानकारी पढ़ें।

विज्ञापन

बिहार हेल्थ अलर्ट: नेपाल में आई बाढ़ के पानी के साथ चंपारण समेत बिहार के सीमावर्ती इलाकों और विभिन्न जल निकायों में अज्ञात व असामान्य प्रकार की मछलियां पहुंचने की सूचना है. इसे लेकर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग ने जनहित में आवश्यक सूचना और एडवायजरी जारी की है. विभाग ने लोगों को ऐसी मछलियों के सेवन से बचने की सलाह दी है.

विज्ञापन

बाढ़ के पानी के साथ पहुंचने की सूचना

मत्स्य प्रभाग के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के पानी के साथ कुछ अज्ञात और असामान्य प्रकार की मछलियां बिहार के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंची हैं. चंपारण सहित अलग-अलग जल निकायों में इनके पाए जाने की सूचना मिली है.

विभाग ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के पानी से पकड़ी गई ऐसी मछलियों को बिना पहचान और पुष्टि के खाने में इस्तेमाल नहीं करें. साथ ही इनके खरीद-बिक्री से भी बचने की सलाह दी गई है.

दूषित पानी को लेकर विभाग ने जताई चिंता

मत्स्य विभाग के अनुसार, बाढ़ का पानी कई बार गंदे नालों, मृत जानवरों और अन्य दूषित अवशेषों के संपर्क में आता है. ऐसे पानी के साथ बहकर आने वाली मछलियों के दूषित होने की आशंका रहती है.

विभाग ने एडवायजरी में बताया है कि ऐसी मछलियां जीवाणु, विषाणु और कवक से संक्रमित हो सकती हैं. इसलिए अज्ञात या असामान्य दिखने वाली मछलियों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानी हो सकती है.

पहचान होने तक खाने से करें परहेज

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित विभाग किसी मछली की पहचान और उसके खाने योग्य होने की पुष्टि नहीं करता, तब तक उसे खाद्य मछली नहीं समझना चाहिए.

खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को जल निकायों से पकड़ी गई अनजान मछलियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. विभाग ने ऐसी मछलियों को बाजार में बेचने या खरीदने से भी परहेज करने की अपील की है.

ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं

विभाग ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि अगर संदिग्ध मछली खाने के बाद किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आने या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सीय सलाह लें.

एडवायजरी का उद्देश्य बाढ़ के बाद संभावित रूप से दूषित मछलियों के सेवन से लोगों को बचाना है. खासकर सीमावर्ती और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है.

खरीद-बिक्री से भी बचने की अपील

मत्स्य प्रभाग ने लोगों से कहा है कि अज्ञात या असामान्य मछलियों को न तो खरीदें और न ही बेचें. विभागीय पुष्टि के बाद ही किसी संदिग्ध मछली को खाने योग्य माना जाए.

नेपाल से बाढ़ का पानी आने वाले सीमावर्ती इलाकों में इस एडवायजरी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी तरह का जोखिम न लें और संदिग्ध मछलियों के सेवन से पूरी तरह बचें.

यह भी पढ़ें;

मोतिहारी स्कूल शिफ्ट: 2 विद्यालयों में डबल शिफ्ट चलाने की तैयारी, जानें क्या है नया प्लान?

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन