मोतिहारी के परांबा शक्तिपीठ में गूंज रहा अखंड नाम संकीर्तन, 28 जुलाई को होगा संत सम्मेलन

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फोटो कैप्सन : भक्तों के साथ परांबा शक्तिपीठ के सद्गुरु चंचल बाबा | Prabhat Khabar Network

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मोतिहारी के अंबिका नगर स्थित परांबा शक्तिपीठ में सद्गुरु पूजा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है. महोत्सव के पहले दिन से ही अखंड नाम संकीर्तन और महा रुद्राभिषेक जारी है, जिसने पूरे परिसर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया है. श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं.

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Motihari News: मोतिहारी के अंबिका नगर स्थित परांबा शक्तिपीठ में सद्गुरु पूजा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हो गया है. महोत्सव के पहले दिन से ही अखंड नाम संकीर्तन और महा रुद्राभिषेक का आयोजन लगातार जारी है. धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति कार्यक्रमों के कारण पूरा शक्तिपीठ परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो गया है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर पूजा-अर्चना और सत्संग में भाग ले रहे हैं.

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अखंड नाम संकीर्तन और रुद्राभिषेक की गूंज

महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही अखंड नाम संकीर्तन और महा रुद्राभिषेक का क्रम शुरू हो गया है. इसके अलावा प्रतिदिन भजन, प्रवचन और सत्संग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं.

28 जुलाई को होगा हनुमान आराधना और संत सम्मेलन

महोत्सव के तहत 28 जुलाई 2026 को विशेष हनुमान आराधना और संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. वहीं 29 जुलाई को मुख्य गुरु पूजन और महाप्रसाद वितरण के साथ सद्गुरु पूजा महोत्सव का समापन होगा. आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है.

धर्म की रक्षा करने वालों की रक्षा स्वयं धर्म करता है : चंचल बाबा

पीठाधीश्वर स्वामी शक्ति शरणानंद सरस्वती (चंचल बाबा) ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म के रक्षक की रक्षा स्वयं धर्म करता है. उन्होंने कहा कि जहां धर्म का वास होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि स्वतः आती है. माता-पिता और गुरु की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए उन्होंने कहा कि यही जीवन को सार्थक बनाने का सबसे सरल मार्ग है.

दया, प्रेम और करुणा से बनता है सशक्त समाज

स्वामी शक्ति शरणानंद सरस्वती ने कहा कि आत्मा के स्वभाव के अनुरूप आचरण करना ही आध्यात्मिक उन्नति का आधार है. उन्होंने समाज में प्रेम, करुणा और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों से सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है.

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