स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने उठायी अधिकारों की आवाज, तीसरी पीढ़ी तक उत्तराधिकारी का दर्जा देने की मांग

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कार्यक्रम में मौजूद उत्तराधिकारी

स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने रविवार को मोतिहारी में '10 बजे 10 मिनट स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के नाम' कार्यक्रम आयोजित किया. इस दौरान परिवारों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर आवाज उठाई गई.

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Motihari News: मोतिहारी. स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय मासिक कार्यक्रम ‘10 बजे 10 मिनट स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के नाम’ का आयोजन रविवार को नगर के ऐतिहासिक शौर्य स्तंभ पर किया गया. कार्यक्रम महान सेनानी दंपती सुखदेव प्रसाद सिंह एवं यशोदा देवी को समर्पित रहा. इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को लेकर आवाज उठायी गयी.

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राष्ट्रध्वज फहराकर सेनानी दंपती को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई. इसके बाद उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी दंपती सुखदेव प्रसाद सिंह एवं यशोदा देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सदस्यों और शहर के गणमान्य लोगों ने देश की आजादी में सेनानियों के योगदान को याद किया. साथ ही उनके परिवारों की वर्तमान स्थिति और अधिकारों पर चर्चा की गयी.

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को राष्ट्रीय परिवार घोषित करने की मांग

समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि आजादी के बाद स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को ‘राष्ट्रीय परिवार’ घोषित किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकारों ने ऐसा नहीं किया.

मुख्य संरक्षक प्रो. खुश नंदन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड, असम, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तीसरी पीढ़ी तक उत्तराधिकारी का दर्जा प्राप्त है. उन्होंने बिहार सहित पूरे देश में भी इसी व्यवस्था को लागू करने की मांग की.

मुफ्त रेल-बस यात्रा और इलाज की उठी आवाज

उत्तराधिकारी चंदा देवी ने कहा कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का राष्ट्र पर पहला हक है. उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से सेनानी उत्तराधिकारियों के लिए मुफ्त रेल और बस यात्रा की सुविधा देने की मांग की.

उन्होंने घर पर ही मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार के सामने रखी. कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.

नई पीढ़ी को सेनानियों के जीवन से सीखने की अपील

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व प्राचार्य शशिकला कुमारी ने कहा कि आज देश जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उसका एक बड़ा कारण समाज में आदर्श व्यक्तित्वों की कमी है.

उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष को अपना आदर्श बनाये, तो इससे राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण की भावना मजबूत होगी. उन्होंने युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और सेनानियों के योगदान को जानने की अपील की.

बड़ी संख्या में सेनानी परिवारों के सदस्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक, महासचिव उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष चंद्रमा पांडेय, अनिल मिश्रा, मेहसी के सत्यदेव आर्य, सत्यकाम आर्य और सुरेंद्र चौरसिया समेत बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.

कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने के साथ उनके उत्तराधिकारियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर सरकार से आवश्यक पहल करने की मांग की गयी.

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